गुवाहाटी, एएनआइ। असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने शनिवार को कहा कि उन्होंने असम के दारांग जिले के ढालपुर इलाके में हुई गोलीबारी की घटना की केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) से जांच के आदेश दिए हैं। इस घटना में में दो नागरिकों की मौत हो गई और नौ पुलिसकर्मी घायल हो गए। मामले को लेकर आज यहां पत्रकारों से बात करते हुए असम के मुख्यमंत्री ने कहा, 'हमने मामले की सीबीआइ जांच का आदेश दिया है और हमें यह पता लगाना है कि अतिक्रमण के खिलाफ को लेकर अभियान संगठन के साथ एक स्पष्ट समझौते के बाद भी किसने 10 हजार लोगों को जुटाया।

हिमंत बिस्वा सरमा ने आगे कहा, 'घायल पुलिसकर्मियों में दो या तीन मुस्लिम कर्मी थे जो अस्पताल में भर्ती हैं। अतिक्रमण के खिलाफ अभियान इस समझौते के साथ शुरू किया गया था कि भूमि नीति के अनुसार भूमिहीनों को 2 एकड़ जमीन प्रदान की जाएगी और प्रतिनिधियों ने सहमति व्यक्त की। मैं वाम-केंद्रित लोगों से अपील करता हूं कि वे असमिया लोगों की आवाज उठाएं। अतिक्रमण के खिलाफ यह अभियान अत्यावश्यक था। यह रातोंरात नहीं किया गया था। कांग्रेस का प्रतिनिधिमंडल मुझसे मिला था और भूमिहीनों को भूमि आवंटन पर सहमत हुआ था। 27 हजार एकड़ भूमि का उपयोग उत्पादक तरीके से किया जाना है। एक मंदिर था, जिस पर लोगों ने कब्जा कर लिया था।

मुख्यमंत्री ने आश्वासन दिया कि सरकार मामले को सुलझाएगी और उचित कार्रवाई करके राज्य में शांति और सद्भाव लाएगी। इससे पहले दिन में दरांग जिले के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक रूपम फुकन ने मीडिया को संबोधित करते हुए बताया था कि स्थानीय लोगों द्वारा पुलिस पर पथराव शुरू करने के बाद ही प्राधिकरण ने कार्रवाई शुरू की। असम के दरांग जिले के सिपाझार में गुरुवार को अतिक्रमण हटाने के अभियान के दौरान हिंसा भड़क गई। दरांग के एसपी सुशांत बिस्वा सरमा ने कहा था कि मौके पर मौजूद लोगों ने पथराव किया और पुलिसकर्मियों पर हमला किया। 

Edited By: Tanisk