विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

Watch: ब्रह्मपुत्र नदी में दिखा पानी का खौफनाक बवंडर, नजारा देख सहम गए लोग

Published: Tue, 25 Aug 2026 01:32 PM (IST)

असम में ब्रह्मपुत्र नदी पर एक दुर्लभ पानी का बवंडर देखा गया, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।

HighLights

  1. ब्रह्मपुत्र नदी में दिखा दुर्लभ पानी का घूमता हुआ स्तंभ।

  2. बारपेटा के पहाड़पुर में नदी से बादलों तक जुड़ा बवंडर।

  3. विशेषज्ञों के अनुसार, यह वॉटरस्पाउट 20 मिनट तक रहता है।

डिजिटल डेस्क, दिसपुर। असम में ब्रह्मपुत्र नदी के ऊपर पानी का एक ऐसा बवंडर देखा गया, जिसने मौसम संबंधी घटनाओं को लेकर डरा दिया है। सोशल मीडिया पर असम के बारपेटा से सामने आया वीडियो काफी वायरल हो रहा है।

बारपेटा के बागबार इलाके के पहाड़पुर में नदी के ऊपर पानी का एक दुर्लभ घूमता हुआ पिलर (वॉटरस्पाउट जैसा) देखा गया। पानी का ये पिलर इतना लंबा था कि इसे सीधे बादलों से नदी से जुड़े हुए देखा गया।

ब्रह्मपुत्र नदी में पानी का बवंडर

स्थानीय लोगों ने इस घटना को कैमरे में रिकॉर्ड किया। वायरल हो रहे वीडियो में, पानी का एक सीधा कीप के आकार का स्तंभ घूमता हुआ और ऊपर बादल से जुड़ता हुआ दिखाई दे रहा है।

कुछ स्थानीय लोगों का मानना है कि यह किसी प्राकृतिक आपदा की चेतावनी हो सकती है। हालांकि, विशेषज्ञों का कहना है कि इस बात का कोई वैज्ञानिक आधार नहीं है जिससे यह दावा किया जा सके कि पानी का ऐसा स्तंभ भूकंप का संकेत है।

बारपेटा से सामने आए वीडियो में भंवर का निचला हिस्सा पानी की सतह को तेजी से मथता हुआ और एक विशाल घूमता हुआ स्तंभ पानी को ऊपर आसमान की ओर खींचता हुआ दिखाई देता है।

इस घटना को देखकर ऐसा लग रहा है कि पानी ऊपर से नीचे गिरने की बजाय, नदी से ऊपर आसमान की ओर जा रहा है। साथ ही ऐसा प्रतीत हो रहा है कि कोई आसमान में से पानी को ऊपर खींच रहा है।

घूमते हुए पानी के स्तंभ का विशाल आकार और जबरदस्त ताकत एक अद्भुत लेकिन बेहद डरावना दृश्य बनाती है। जमीन पर बनने वाले बवंडर (टॉरनेडो) की तुलना में ऐसे वॉटरस्पाउट में हवा की गति आमतौर पर कम होती है।

क्या है वॉटरस्पाउट?

वॉटरस्पाउट का बनना, साथ ही इसका समय और स्थान, काफी हद तक अनिश्चित होता है और इसका पूर्वानुमान लगाना मुश्किल होता है। यह आमतौर पर 20 मिनट से ज्यादा समय तक नहीं रहता है।

वैज्ञानिकों के मुताबिक, वॉटरस्पाउट दिखने पर लोगों को पानी से जुड़ी सभी गतिविधियां रोक देनी चाहिए और जमीन पर सुरक्षित जगह पर चले जाना चाहिए, जबकि किनारे के पास मौजूद लोगों को मजबूत इमारतों के अंदर शरण लेनी चाहिए।

यह भी पढ़ें- 'राहुल गांधी महिला अधिकारों के चैंपियन नहीं, बल्कि हिंदू विरोधी', सीएम हिमंत का तीखा प्रहार