राष्ट्रीय स्तर पर उभरता आरुषि निशंक का नेतृत्व, ‘केदार ड्राइव 2026’ से युवा शक्ति और हिमालय संरक्षण को नई दिशा
अभिनेता अरुशी निशंक ने 'यूथ4 राइजिंग भारत – केदार ड्राइव 2026' अभियान का शुभारंभ किया, जिसका उद्देश्य युवाओं को हिमालयी ...और पढ़ें

आरुषि निशंक ने जगाई युवा भारत में पर्यावरण चेतना की अलख
HighLights
अरुशी निशंक ने 'केदार ड्राइव 2026' अभियान का शुभारंभ किया।
युवाओं को हिमालयी पर्यावरण संरक्षण के लिए जागरूक करना मुख्य लक्ष्य।
केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने अभियान को हरी झंडी दिखाई।
डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। अभिनेता, फिल्म निर्माता एवं सामाजिक कार्यकर्ता अरुशी निशंक के नेतृत्व में आज नई दिल्ली से ‘यूथ4 राइजिंग भारत – केदार ड्राइव 2026’ का शुभारंभ हुआ। केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने अभियान को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।
इस राष्ट्रीय अभियान का उद्देश्य युवाओं और नागरिकों को पर्यावरण संरक्षण, सतत जीवनशैली तथा पारिस्थितिक दृष्टि से संवेदनशील हिमालयी क्षेत्र के संरक्षण के प्रति जागरूक एवं सक्रिय करना है। केदारनाथ धाम इस अभियान का एक प्रमुख पड़ाव है।

इस अवसर पर शिवराज सिंह चौहान ने अरुशी निशंक के नेतृत्व और पर्यावरण संरक्षण के प्रति उनके प्रयासों की सराहना की। उन्होंने युवाओं को पर्यावरण संरक्षण, राष्ट्र निर्माण और सामाजिक सेवा से जोड़ने की उनकी पहल को महत्वपूर्ण बताते हुए उन्हें उभरती हुई राष्ट्रीय युवा प्रेरणा के रूप में रेखांकित किया।
उन्होंने कहा कि इस प्रकार की पहल विद्यार्थियों, स्वयंसेवकों और आम नागरिकों को हिमालय की रक्षा तथा स्वच्छ, हरित भारत के साझा संकल्प के साथ जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।

उनकी सराहना ने युवा नेतृत्व और पर्यावरणीय उत्तरदायित्व के बीच समन्वय स्थापित करने तथा जनभागीदारी को सार्थक कार्यों में बदलने के अरुशी निशंक के प्रयासों को विशेष पहचान दी।
अभियान के उद्देश्य पर प्रकाश डालते हुए अरुशी निशंक ने कहा, 'यूथ4 राइजिंग भारत – केदार ड्राइव 2026 केवल केदारनाथ तक की एक यात्रा नहीं है, बल्कि यह विशेष रूप से युवाओं से अपने पर्यावरण के संरक्षण की जिम्मेदारी उठाने का सामूहिक आह्वान है। हिमालय हमारी अमूल्य प्राकृतिक धरोहर और जीवनदायिनी संपदा है। इसकी नदियों, वनों और जैव विविधता की रक्षा करना हम सभी का साझा दायित्व है। इस अभियान के माध्यम से हमारा प्रयास है कि पर्यावरण के प्रति जागरूकता को ठोस कार्यों में बदला जाए और समाज में सतत विकास, सेवा तथा जिम्मेदार नागरिकता की स्थायी संस्कृति विकसित हो।'

देशभर के युवा और स्वयंसेवक बन रहे है अभियान का हिस्सा
यह राष्ट्रीय अभियान भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थानों (IITs), जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU), दिल्ली विश्वविद्यालय और गुजरात विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों को एक मंच पर ला रहा है।
इसके साथ ही राष्ट्रीय सेवा योजना (NSS) के सदस्य, इंडिया फाउंडेशन, स्पर्श गंगा अभियान के स्वयंसेवक, पर्यावरण कार्यकर्ता, सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स, मीडिया प्रतिनिधि तथा विभिन्न सामाजिक संगठनों से जुड़े प्रतिभागी भी इसमें भाग ले रहे हैं।
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अभियान का लक्ष्य 10,000 से अधिक स्वयंसेवकों को जोड़ना और नागरिकों को पर्यावरण संरक्षण को अपने दैनिक जीवन का अभिन्न हिस्सा बनाने के लिए प्रेरित करना है। इस पहल के माध्यम से युवाओं में नेतृत्व, सामाजिक सहभागिता और प्रकृति के प्रति उत्तरदायित्व की भावना को मजबूत करने का प्रयास किया जा रहा है।
स्वच्छ भारत और ‘एक पेड़ मां के नाम’ की भावना से प्रेरित पहल
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘स्वच्छ भारत मिशन’ और ‘एक पेड़ माँ के नाम’ जैसे अभियानों की भावना से प्रेरित यह पहल वृक्षारोपण, स्वच्छता, जिम्मेदार पर्यटन, प्लास्टिक के उपयोग में कमी तथा कचरे के वैज्ञानिक और सतत प्रबंधन को प्रोत्साहित करती है।
इस अभियान का उद्देश्य भारत की आध्यात्मिक और सांस्कृतिक विरासत को पर्यावरण संरक्षण के संकल्प से जोड़ना है। इसके माध्यम से हिमालय की नदियों, वनों और जैव विविधता की रक्षा के साथ-साथ तीर्थस्थलों की स्वच्छता तथा प्राकृतिक संसाधनों के जिम्मेदार उपयोग का संदेश जन-जन तक पहुँचाने का प्रयास किया जा रहा है।
यह पहल युवाओं को केवल जागरूकता तक सीमित न रहकर पर्यावरण संरक्षण के लिए ठोस कदम उठाने और राष्ट्र निर्माण में सक्रिय योगदान देने के लिए प्रेरित करती है।

अरुशी निशंक: सिनेमा, संस्कृति और सामाजिक सरोकारों के बीच सेतु
अरुशी निशंक एक अभिनेता, फिल्म निर्माता, सामाजिक कार्यकर्ता और पर्यावरण संरक्षण की पैरोकार हैं। उनका कार्यक्षेत्र सिनेमा, संस्कृति, पर्यावरण जागरूकता और सामुदायिक पहलों तक विस्तृत है।
स्पर्श गंगा अभियान की सह-संस्थापक और ‘प्लास्टिक से पुण्य’ पहल की संस्थापक के रूप में उन्होंने नदी संरक्षण, पर्यावरण जागरूकता तथा प्लास्टिक के जिम्मेदार उपयोग को बढ़ावा देने के लिए कार्य किया है।
मनोरंजन जगत में उन्होंने डिज्नी + हॉटस्टार के लिए वेब सीरीज़ ‘लाइफ हिल गई’ (Life Hill Gayi) का निर्माण किया है। वह अमेजन मिनीटीवी की ‘लकी इन लव’ (Lucky in Love) से भी जुड़ी रही हैं। इसके अतिरिक्त, टी-सीरीज के संगीत प्रोजेक्ट्स, जिनमें ‘वफा न रास आई’ और ‘तेरी गलियों से’ शामिल हैं, से भी उनका जुड़ाव रहा है।

वर्ष 2025 में उन्होंने कान्स फिल्म फेस्टिवल में अपनी शुरुआत की। इस अवसर पर उन्होंने पुनर्चक्रित वस्त्र अपशिष्ट और पारंपरिक भारतीय शिल्पकला से प्रेरित परिधान के माध्यम से टिकाऊ फैशन और पर्यावरण संरक्षण का संदेश प्रस्तुत किया।
अरुशी निशंक की यात्रा इस प्रयास को दर्शाती है कि सिनेमा, संस्कृति और रचनात्मक मंचों का उपयोग सामाजिक परिवर्तन, महिला सशक्तीकरण तथा पर्यावरणीय जिम्मेदारी के संदेश को व्यापक स्तर तक पहुँचाने के लिए किया जा सकता है।
