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नेपाल बाढ़ के बाद हाई अलर्ट पर अरुणाचल, जोखिम वाली 7 ग्लेशियल झीलों की हुई पहचान

Published: Tue, 22 Sep 2026 11:08 PM (IST)

नेपाल में बाढ़ के बाद अरुणाचल प्रदेश के तवांग जिले में सात ग्लेशियल झीलों की पहचान की गई है, जिनसे निचले इलाकों में बाढ़ का खतरा है।

तवांग के मागो इलाके में सात ग्लेशियल झीलें चिन्हित

तवांग के मागो इलाके में सात ग्लेशियल झीलें चिन्हित

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डिजिटल डेस्क, तवांग। नेपाल में अचानक आई बाढ़ के बाद अधिक सतर्कता बरती जा रही है। अरुणाचल प्रदेश के तवांग जिले के मागो इलाके में सात ऐसी ग्लेशियल झीलें (बर्फ की झीलें) पहचानी गई हैं, जिनसे नीचे की ओर रहने वाले लोगों के लिए इसके अचानक फटने से बाढ़ का बड़ा खतरा है।

अरुणाचल प्रदेश राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने इलाके में ज्यादा खतरे वाली ग्लेशियल झीलों के नीचे रहने वाले समुदायों के लिए 'ग्लेशियल लेक आउटबर्स्ट फ्लड' के खतरों के बारे में एक बड़ा जागरूकता और प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू किया है।

यह अभियान मागो गांव से शुरू हुआ, जिसमें नीचे की तरफ बसे उन इलाकों पर खास ध्यान दिया गया जहां खतरा अधिक है, जैसे कि डूरी गांव और उस इलाके में मौजूद भारतीय सेना का कैंप। इस कार्यक्रम के दौरान, लोगों को अधिक खतरे वाली ग्लेशियल झीलों की जगह, ऊंचाई और उनकी बस्तियों से उनकी दूरी के बारे में जानकारी दी गई।

साथ ही, उन्हें यह भी बताया गया कि अगर ग्लेशियल झील अचानक फट जाती है, तो उससे क्या-क्या खतरे हो सकते हैं। निचले इलाकों में बसी बस्तियों पर इनके संभावित असर, और ऐसी घटना के बाद बाढ़ का पानी पहुंचने में लगने वाले अनुमानित समय के बारे में बताया।

(न्यूज एजेंसी ANI के इनपुट के साथ)