भिंड (अब्बास अहमद)। भारत बंद के दौरान 2 अप्रैल को हिंसा में शामिल लोग एक-दूसरे के खून के प्यासे थे, जो हिंसा में शामिल नहीं थे वे डरे सहमे रहे। ऐसे में शहर में जूस की दुकान संचालित करने वाले बबलू सिंधी ने 2 से 10 अप्रैल को नफरतों के कर्फ्यू के बीच खून दिलाकर 15 अनजान लोगों की जिंदगी बचाईं।

मंगलवार को ही कर्फ्यू के दौरान बबलू सिंधी ने जिला अस्पताल में भर्ती दो जरूरतमंदों को रक्त दिलाया। जूस की दुकान संचालित करने वाले बबलू सिंधी संजीवनी रक्तदान संगठन चलाते हैं।

मंगलवार के कर्फ्यू में इन्हें दिलाया खून

सोशल मीडिया पर अघोषित बंद के आव्हान पर प्रशासन ने लोगों की जान माल की सुरक्षा के लिहाज से 10 अप्रैल को पूरे जिले में कर्फ्यू लागू किया था। ऐसे में जिला अस्पताल में भर्ती नुन्हाटा गांव निवासी अनीता कुशवाह को ऑपरेशन से पहले खून की जरूरत थी।

बबलू सिंधी ने भीमनगर निवासी डोनर रवि राजावत को तैयार कर अनीता के लिए खून का इंतजाम कराया। खून मिलने से उनका ऑपरेशन हो सका। मंगलवार को ही दोपहर में जिला अस्पताल में भर्ती कंचन (20) पुत्री प्रेमनाराण को खून की आवश्यकता पड़ी। कंचन के शरीर में महज 5 ग्राम खून था। सूचना मिलने पर बबलू सिंधी ने किला रोड निवासी रिषभ दुबे से रक्तदान कराकर कंचन को खून दिलाया। इस तरह कंचन और अनीता की जिंदगी कर्फ्यू लागू होने के बावजूद बच सकी।

कर्फ्यू के दौरान इनकी जिंदगी भी बचाई

संजीवनी रक्तदान संगठन चलाने वाले बबलू सिंधी ने 2 अप्रैल से 4 अप्रैल के कर्फ्यू के बीच भी अपनी परवाह किए बिना 13 लोगों को खून दिलाया है। इस दौरान कर्फ्यू के बीच निधि पत्नी अवधेश सोनी, रीमा पत्नी वीरू कुशवाह, रीमा पुत्री सोनवीर, अनन्या पुत्री अतिबल सिंह, सौम्या पुत्री रवि श्रीवास, हिमांशी पुत्री धन सिंह कुशवाह, दुर्गेश पत्नी रामू जाटव, बेबी पत्नी अजय भदौरिया आदि को खून दिलाकर इनकी जिंदगी को बचाया है।

इनका कहना है

कर्फ्यू के दौरान बाहर निकलने में डर तो लग रहा था, लेकिन इन लोगों को अगर खून नहीं दिलाया जाता तो इनकी जान को खतरा हो सकता था। ऐसे में अपनी परवाह किए बिना खून का इंतजाम कराया। ऐसा करने में हमारे संगठन से जुड़े साथियों ने भी बराबर साथ दिया। उनके बिना हम खून का इंतजाम नहीं करा सकते थे। लोगों को आपस में प्रेम और भाईचारे से ही रहना चाहिए।

बबलू सिंधी, जूस सेंटर संचालक

मरीजों को ब्लड की जरूरत थी। समाजसेवी बबलू सिंधी के माध्यम से दोनों मरीजों को डोनर से रक्तदान करवाकर ब्लड उपलब्ध कराया गया।

डॉ. अजीत प्रसाद मिश्रा, सिविल सर्जन जिला अस्पताल भिंड 

Posted By: Sanjay Pokhriyal