नई दिल्ली (जेएनएन)। सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) ने पाकिस्तान की गोलाबारी में अपने दो जवानों की शहादत का बदला उसके पांच रेंजरों को मारकर लिया। बीएसएफ ने करारा जवाब देते हुए जम्मू के परगवाल के सामने पाकिस्तान रेंजर्स के 12 बंकर तबाह कर दिए। यह कार्रवाई रविवार को दिन के 11 बजे से दोपहर दो बजे तक कानाचक्क से लेकर परगवाल के सामने पाकिस्तान को निशाना बनाकर की गई थी। बीएसएफ के महानिरीक्षक (आइजी) राम अवतार ने रविवार को ही कहा था कि हमने जोरदार जवाब दिया है। इसका पाकिस्तान में कितना नुकसान हुआ है, आने वाले दिनों में पता चलेगा।

BSF के इन दो जवानों की शहादत का लिया बदला 

दरअसल, दो दिन पहले पाकिस्तान ने  अखनूर सेक्टर में भारी गोलाबारी की, इसमें परगवाल में सहायक सब इंस्पेक्टर एसएन यादव व कांस्टेबल बीके पांडे शहीद हो गए। जबकि गोलाबारी में एक महिला सुलक्षणा देवी, 13 वर्षीय कशोर समेत 12 नागरिक भी घायल हो गए थे। सेना ने दो दिन के अंदर पाकिस्तान के एक बार फिर घुटनों पर ला दिया है। दो जवानों की शहादत का बदला उसने पाकिस्तान के तीन जवानों को मारकर लिया, इतना ही नहीं पाक सेना की कई चौकियां भी तबाह कर दी हैं।  

21 जून को फिर होगी मीटिंग 

जानमाल का भारी नुकसान होने के बाद पाकिस्तान ने सोमवार को सेक्टर कमांडर स्तर की फ्लैग मीटिंग करने की गुहार लगाई। पाक रेंजरों की अपील पर आरएस पुरा सेक्टर में यह मीटिंग शाम को साढ़े पांच बजे शुरू हुई, जो लगभग दो घंटे चली। इसमें सीमा पर सौहार्दपूर्ण वातावरण बनाए रखने पर सहमति बनी। दोनों तरफ के गांवों को गोलाबारी से बचाने और आपस में भरोसा बहाल करने के लिए हर स्तर पर चर्चा शुरू करने पर भी सहमति बनी। अब दोनों देशों के सेक्टर कमांडरों के बीच 21 जून को फिर मीटिंग होगी। वैसे दोनों देशों के बीच सेक्टर कमांडर स्तर की बैठक अंतरराष्ट्रीय सीमा पर भारी गोलाबारी के बीच हुई। सोमवार तड़के भी पाक सेना ने अखनूर सेक्टर में बीएसएफ की चार चौकियों को निशाना बनाया था।

सीमा से सटे सैकड़ों गांवों में पलायन के हालात 

पाकिस्तान पिछले 15 दिन से जम्मू संभाग में अंतरराष्ट्रीय सीमा से सटे सैकड़ों गांवों को निशाना बना रहा है। इससे इन गांवों से पलायन के हालात बन गए हैं। गौरतलब है कि दोनों देशों के सैन्य कार्रवाई महानिदेशकों (डीजीएमओ) की बैठक में पिछले सप्ताह 2003 के संघर्षविराम समझौते पर पूरी तरह अमल करने और इसके उल्लंघन को रोकने का फैसला किया गया था। लेकिन इस बैठक के कुछ दिन बाद ही पाकिस्तान की ओर से उकसाने वाली कार्रवाई फिर शुरू हो गई थी।

फ्लैग मीटिंग में कौन शरीक हुए 

बीएसएफ की ओर से बैठक में करीब आधा दर्जन अधिकारी शरीक हुए। इनका नेतृत्व जम्मू सेक्टर के डीआइजी पीएम धीमाना ने किया। पाकिस्तानी प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व सियालकोट के सेक्टर कमांडर ब्रिगेडियर अहमद हुसैन ने किया। उनके साथ पाक रेंजर्स के 10 अफसर थे।

सुधरो या भुगतो

मीटिंग में भारत ने पाक से साफ कह दिया कि वह सीमा पर अकारण गोलाबारी और जवानों व आम लोगों को निशाना बनाना बंद कर दे, नहीं तो किसी भी प्रकार की कार्रवाई कर कड़ा जवाब दिया जाएगा। इस मौके पर बीएसएफ ने सुबूत भी सौंपे कि पाकिस्तान जानबूझकर रिहायशी इलाकों में गोले दागने के साथ स्नाइपर राइफल से जवानों को निशाना बना रहा है। लेकिन हमेशा की तरह पाकिस्तान गोलाबारी शुरू करने और फेंसिंग के पास से जवानों को निशाना बनाने से मुकर गया। अलबत्ता, पाकिस्तानी दल का कहना था कि शुरुआत उसकी ओर से नहीं, बल्कि जवाबी कार्रवाई होती है। वैसे सीमा पार से सुरंग खोदकर आतंकवादियों को इस ओर भेजने की कोशिशों पर भी लगाम लगाने का मुद्दा भी सख्ती से उठाया गया।

इस साल तीसरी मीटिंग 

इस साल दोनों ओर के सीमा प्रहरियों के बीच सेक्टर कमांडर स्तर की यह तीसरी फ्लैग मीटिंग थी। इससे पहले सीमा पर भारी गोलाबारी के बाद पहले 25 जनवरी व 24 फरवरी को फ्लैग मीटिंग में सीमा पर शांति बनाए रखने का समझौता हुआ था। मार्च में भी फ्लैग मीटिंग का फैसला हुआ था, बाद में पाकिस्तान इससे मुकर गया था।

पाक सेना बोली, जंग की गुंजाइश नहीं

इस्लामाबाद में पत्रकारों से बातचीत में पाकिस्तानी सेना ने सोमवार को कहा कि भारत के साथ जंग के लिए कोई गुंजाइश नहीं है। इसलिए कि दोनों ही देश परमाणु शक्तियां हैं। पाकिस्तानी सेना की मीडिया शाखा इंटर सर्विसेज पब्लिक रिलेशंस (आइएसपीआर) के महानिदेशक मेजर जनरल आसिफ गफूर ने कहा कि उनका देश भारत के साथ शांति चाहता है। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि शांति की हमारी इच्छा को कमजोरी के तौर पर नहीं लिया जाना चाहिए।

By Nancy Bajpai