राज्य ब्यूरो, श्रीनगर। अंसार-उल-गजवा-ए-हिंद के छह आतंकियों के मारे जाने के बाद भी दक्षिण कश्मीर में करीब 150 देशी-विदेशी आतंकी सक्रिय हैं। कुछ महीनों में दक्षिण कश्मीर के हालात में सुधार भी हुआ है, लेकिन स्थिति संवेदनशील ही है। यह दावा सेना की विक्टर फोर्स के जीओसी मेजर जनरल जॉनसन पी मैथ्यु ने किया।

आरमपोरा त्राल में छह आतंकियों के मारे जाने के बाद पत्रकारों से बातचीत में मेजर जनरल मैथ्यु ने कहा कि अभियान पूरी तरह सफल रहा है। गांव के बाहर आतंकियों ने ठिकाना बना रखा था। सूरज की पहली किरण के साथ हमने तलाशी अभियान शुरू किया और कुछ ही देर बाद आतंकियों का पता चल गया। इस दौरान न तो नागरिक क्षति हुई और न ही सुरक्षाबलों को भी कोई नुक्सान पहुंचा है।

छह आतंकियों के मारे जाने से जाकिर मूसा को भारी झटका पहुंचा है। क्योंकि इन छह आतंकियों में एक उसका डिप्टी भी है। हम इन आतंकियों की गतिविधियों को कुछ दिनों से लगातार ट्रैक कर रहे थे। यह आतंकी इलाके में नए लड़कों की भर्ती में जुटे थे। जीओसी विक्टर फोर्स ने दक्षिण कश्मीर के मौजूदा हालात के बारे में पूछे जाने पर कहा कि मेरे ख्याल से हालात पहले से बेहतर हैं, लेकिन स्थिति संवेदनशील है। स्थानीय युवकों के आतंकी बनने के संदर्भ में पूछे गए सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि नए लड़कों, छात्रों के आतंकी बनने के कई कारण हैं। कट्टर धर्मांध मानसिकता बड़ा कारण है।

विमुखता और पाकिस्तान द्वारा छेड़ा गया छद्म युद्ध के अलावा राष्ट्रविरोधी दुष्प्रचार भी लड़कों को आतंकवाद की तरफ धकेल रहा है। हमारा हमेशा प्रयास रहता है कि आतंकवाद के रास्ते पर गए युवकों को हर संभव प्रयास से मुख्यधारा में शामिल किया जाए। हम मुठभेड़ के दौरान भी आतंकियों को जिंदा पकड़ने का प्रयास करते हैं।

आतंकी बने युवकों से अपील है कि वे हिंसा छोड़ें और मुख्यधारा में शामिल हों। यहां सरकार है, लोकतंत्र हैं और अगर आतंकवाद की तरफ जाने वाले युवकों को कोई समस्या है तो वह बंदूक छोड़ें और लोकतांत्रिक व्यवस्था का हिस्सा बन मसलों को हल करें। दक्षिण कश्मीर में आतंकियों की संख्या पर उन्होंने कहा कि 150 देशी-विदेशी आतंकी इलाके में अब भी मौजूद हैं। जल्द ही इन्हें खत्म करने के लिए अभियान तेज किया जाएगा।  

Posted By: Arun Kumar Singh

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