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अमृतसर, एजेंसी। इंग्लैंड के कैंटरबरी के आर्क बिशप जस्टिन वेल्बी मंगलवार को पंजाब में जलियांवाला स्थित शहीद स्मारक पर पंहुचे। इस अंग्रेज पादरी ने जमीन पर लेटकर शहीदों को नमन किया और कहा '1919 में जलियांवाला बाग में हुए नरसंहार के लिए मैं बहुत शर्मिंदा और दुखी हूं। ईश्वर से माफी मांगते हुए जस्टिन वेल्बी जमीन पर लेट गए। 

दस दिनों के भारत दौरे पर आर्चबिशप
बता दें कि दस दिनों आर्चबिशप वेल्बी भारत भ्रमण पर हैं। इससे पहले उन्होंने कोलकाता, मेडक, जबलपुर और बेंगलुरु का दौरा किया है। इसके बाद वह अमृतसर पहुंचे। जहां उन्होंने 1919 में बैसाखी के दिन अंग्रेजी हुकूमत के जनरल डायर के आदेश निहत्थे लोगों के किए गए नरसंहार की घटना पर असंतोष जताया। 

शर्मनाक घटनाक्रम को नजरअंदाज नहीं कर सकते
उन्होंने इस दौरान कहा, 'यहां मैं लोगों के दुख को महसूस करने और अंग्रेजी लोगों की गोलियों से मारे गए लोगों की मौत पर दुख व्यक्त करने के लिए आया हूं।' उन्होंने कहा कि ब्रिटिश नागरिक होने के नाते हम इस शर्मनाक घटनाक्रम को नजरअंदाज नहीं कर सकते हैं।

नरसंहार के सौ साल पूरे
बता दें कि 13 अप्रैल 1919 जनरल डायर द्वारा दिए गए आदेश पर ब्रिटिश आर्मी के सैनिकों ने निहत्थे लोगों को गोलियों से भून डाला था। वहां कुछ लोग शांतिपूर्ण ढंग से प्रदर्शन करने के लिए एकत्रित हुए थे। जालियांवाला बाग के हर निकास के रास्ते की सेना ने घेराबंदी कर ली थी। गोलीबारी शुरू होने से वहां भगदड़ मच गई। इस गोलीबारी में एक हजार लोगों की मौत हुई थी, लेकिन ब्रिटिश सरकार ने मरने वालों की संख्या लगभग चार सौ बताई थी। इसमें महिलाएं और बच्चे भी शामिल थे। इस नरसंहार के इसी साल अप्रैल में सौ साल पूरे हुए।

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Posted By: Tanisk

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