नई दिल्ली [जागरण संवाददाता]। पूर्व एयर होस्टेस गीतिका शर्मा की मां अनुराधा शर्मा खुदकुशी मामले में कई तरह के कयास लगाए जा रहे हैं, जिससे पुलिस ने सभी पहलुओं पर जांच शुरू कर दी है। पता चला है कि सुसाइड नोट में अनुराधा ने गोपाल कांडा के नाम से पूर्व गाली का इस्तेमाल किया और लिखा कि उसने और अरुणा चढ्डा ने हमारे घर को तोड़ा है। उन्हें सख्त से सख्त सजा मिले।

अशोक विहार थाना पुलिस का मानना है कि अनुराधा बेहद साहसी थीं, इसलिए उनके खुदकुशी करने की वजह निश्चित रूप से मानसिक दबाव रहा होगा। इसके मद्देनजर पुलिस ने अनुराधा, उनका पति दिनेश कुमार शर्मा व बेटे अंकित के मोबाइल का कॉल डिटेल निकलवा जांच शुरू कर दी ताकि उससे यह पता लगाया जा सके कि इन तीनों के पास किन-किन लोगों के फोन आते थे। ये किन-किन लोगों से बात करते थे।

सूत्रों की मानें तो गीतिका की मौत के बाद दिल्ली व हरियाणा के कुछ पुलिस अफसर व प्रभावशाली लोग अनुराधा व उनके पारिवार पर हरियाणा के पूर्व मंत्री गोपाल कांडा के खिलाफ दर्ज कराए केस वापस लेने के लिए दबाव बना रहे थे। इससे पूरे परिवार के लोग परेशान थे। शायद यही उनके खुदकुशी करने की वजह रही हो। फिलहाल पुलिस उपायुक्त डॉ. पी करुणाकरण इस तरह की बात से इन्कार कर रहे हैं।

अनुराधा द्वारा लिखे गए दो पन्ने के सुसाइड नोट का मजमून देखने से माना जा रहा है कि उनके दिल में गोपाल कांडा व अरुणा चड्ढा को लेकर काफी नफरत थी। उन्होंने सुसाइड नोट में लिखा है कि मेरी बेटी की मौत के लिए कांडा व अरुणा चड्ढा जिम्मेदार है।

15 दिनों से ही अनुराधा जा रही थीं ऑफिस

नई दिल्ली। पूर्व एयर होस्टेस गीतिका शर्मा की मां अनुराधा शर्मा के शव को पोस्टमार्टम के बाद शनिवार को परिजनों को सौंप दिया गया। इसके बाद पंजाबीबाग स्थित श्मशान घाट में शव का अंतिम संस्कार कर दिया गया। पोस्टमार्टम की अभी रिपोर्ट नहीं आई है। लेकिन डॉक्टरों ने जानकारी दी है कि अनुराधा की मौत दम घुटने से हुई है। उन्होंने शुक्रवार शाम करीब साढ़े चार बजे खुदकुशी की। परिजन घटनाक्रम पर कुछ बोलने से बच रहे हैं। पुलिस ने सुसाइड नोट के आधार पर हरियाणा के पूर्व मंत्री गोपाल कांडा और उनकी कंपनी की अधिकारी अरुणा चढ्डा को मामले का आरोपी बनाया है।

पुलिस सूत्रों की मानें तो 55 वर्षीया अनुराधा शर्मा बेहद साहसी थीं। क्योंकि छह महीने पूर्व चार अगस्त की रात जब गीतिका ने अपने कमरे में पंखे से लटककर खुदकुशी की थी तब अगले दिन सुबह यानी पांच अगस्त को अनुराधा ही खिड़की की जाली तोड़कर अंदर घुसी थीं। तब पति दिनेश कुमार शर्मा बेटी को लटके देख होश खो बैठे थे। अनुराधा ने ही अकेले गीतिका के शव को गोद में उठाकर रस्सी [चुन्नी] काटी थी। उनके इस तरह के हौसले के मद्देनजर पुलिस अधिकारियों को विश्वास नहीं हो रहा कि वह खुद भी बेटी की मौत से दुखी होकर हताशा में खुदकुशी कर लेंगी। शुक्रवार को पुलिस अधिकारियों को जब अनुराधा के भी खुदकुशी कर लेने की सूचना मिली तो वे हैरान रह गए।

जांच में यह बात सामने आई है कि अनुराधा इकलौती बेटी गीतिका से बेहद प्यार करती थीं। लिहाजा उसकी मौत के बाद से उन्होंने ऑफिस जाना छोड़ दिया था। छह महीने वह छुट्टी पर रही थीं। वह वित्त मंत्रालय में कार्यरत थीं और गीतिका की खुदकुशी के समय एकाउंटेंट के तौर पर लोकनायक भवन, खान मार्केट में वह तैनात थीं। लंबी छुट्टी पर रहने के दौरान उनका तबादला शालीमार बाग कर दिया गया था। उन्होंने बीते 15 दिनों से शालीमार बाग स्थित अपने ऑफिस जाना शुरू किया था। पुलिस सूत्रों के मुताबिक अनुराधा शर्मा ने मरने से पूर्व एक सुसाइड नोट के अलावा बेटे के नाम एक चिट्ठी भी लिखी थी। चिट्ठी में क्या लिखा है, पुलिस अधिकारी उसके बारे में कुछ नहीं बता रहे।

ज्ञात रहे शुक्रवार अपराह्न साढ़े चार बजे ऑफिस से घर लौटने के बाद अनुराधा शर्मा ने गीतिका वाले कमरे में जाकर बेटी की तरह ही चुन्नी के सहारे पंखे से लटक कर खुदकुशी कर ली थी। वह अशोक विहार फेज तीन स्थित फ्लैट में परिवार के साथ रहती थ्ी। घटना के समय वह घर में अकेली थी। घटना के समय पति काम से बाहर निकले थे जबकि बेटा अंकित किसी काम से घर के बाहर था। साढ़े पांच बजे जब दूसरी मंजिल पर रह रहीं अंकित की चाची ज्योति नीचे आईं तब उन्होंने अनुराधा को पंखे से लटका हुआ देखा था।

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