नई दिल्ली, जागरण ब्यूरो। वीवीआइपी हेलीकॉप्टर सौदा समेत विदेश से सैन्य खरीद के अन्य मामलों में घोटालों की मार से जूझ रहा रक्षा मंत्रालय अब नए नियमों का तानाबाना बुन रहा है। इसमें घरेलू उद्योगों की भागीदारी बढ़ाने के लिए नई सुविधाएं देने की तैयारी है। रक्षा मंत्री एके एंटनी की अगुवाई में मंगलवार को होने वाली रक्षा खरीद परिषद की बैठक में इसके मसौदे पर चर्चा होगी। वहीं कई महत्वपूर्ण खरीद सौदों के भविष्य का भी फैसला अपेक्षित है।

सूत्रों के मुताबिक बैठक के एजेंडे में एक अहम विषय नई रक्षा खरीद नीति का मसौदा भी होगा। संकेत हैं कि नए बदलावों के तहत देसी कंपनियों को रक्षा क्षेत्र में भागीदारी बढ़ाने के लिए नियमों को अधिक उदार बनाया जाएगा। साथ ही माना जा रहा है कि 2011 से लागू मौजूदा रक्षा खरीद नीति में निर्धारित रक्षा उद्योग रत्न का प्रावधान भी समाप्त हो सकता है। इसके तहत सरकार के पास कुछ निजी उद्योगों को रक्षा उद्योग रत्न का दर्जा देकर सैन्य उत्पादन में वरीयता देने का अधिकार दिया गया था। वहीं नई नीति में स्वदेशी को बढ़ावा देने के लिए रखे गए 'मेक इंडियन-बाय इंडियन' जैसे प्रावधानों में भी लचीलापन अपेक्षित है।

सूत्रों के अनुसार एंटनी की अध्यक्षता वाली इस बैठक में नौसेना के लिए लैंडिंग प्लेटफार्म डॉक (एलपीडी) खरीदे जाने का भी प्रस्ताव पर भी विचार होगा। एलपीडी एक बहुउद्देश्यीय सहायक पोत होगा। नौसेना के लिए इस तरह के चार पोत खरीदने की यह करीब 25 हजार करोड़ रुपये की परियोजना है। बताया जाता है कि इसके अलावा स्वदेशी विमानवाहक पोत व अन्य नौसैनिक परियोजनाओं समेत सैन्य साजो-सामान की खरीद के अन्य कई प्रस्ताव भी बैठक में रखे जाएंगे।

हालांकि नजर इस बात पर भी होगी कि महीनों से 197 हेलीकॉप्टर खरीद सौदे पर फैसले को टाल रही रक्षा खरीद परिषद अगली बैठक में क्या फैसला लेती है। महत्वपूर्ण है कि इस महीने इस सौदे के लिए जारी टेंडर की मियाद ही खत्म हो जाएगी। सूत्रों के मुताबिक ऐसे में संकेत इस बात के अधिक हैं कि सरकार सेना और वायुसेना के लिए इस भारी-भरकम हेलीकॉप्टर खरीद को भी खत्म कर दे। इस सौदे को लेकर भी गड़बड़ी के आरोप लगे थे।

उल्लेखनीय है कि गत दिनों इतालवी कंपनी अगस्ता-वेस्टलैंड से वीवीआइपी हेलीकॉप्टर खरीद में घोटाले के आरोपों के बाद रक्षा मंत्री एके एंटनी ने खरीद प्रक्रिया में ही बदलावों की बात कही थी।

मोबाइल पर ताजा खबरें, फोटो, वीडियो व लाइव स्कोर देखने के लिए जाएं m.jagran.com पर

kumbh-mela-2021

शॉर्ट मे जानें सभी बड़ी खबरें और पायें ई-पेपर,ऑडियो न्यूज़,और अन्य सर्विस, डाउनलोड जागरण ऐप