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'मैं अपनी पत्नी को क्या जवाब दूंगा', तेलंगाना अस्पताल अग्निकांड में नवजात को खोने वाले पिता छलका दर्द

Published: Tue, 22 Sep 2026 11:48 PM (IST)

तेलंगाना के रिम्स में सोमवार देर रात आग लगने से तीन नवजात बच्चियों की मौत हो गई। जिसमें एक बच्ची ...और पढ़ें

तेलंगाना अस्पताल अग्निकांड में नवजात को खोने वाले पिता छलका दर्द

तेलंगाना अस्पताल अग्निकांड में नवजात को खोने वाले पिता छलका दर्द

HighLights

  1. अस्पताल के एयर कंडीशनिंग यूनिट में जोरदार विस्फोट हुआ था

  2. मृत बच्चियों ने परिजनों ने पुलिस से न्याय की गुहार लगाई है

डिजिटल डेस्क, हैदराबाद। तेलंगाना के रिम्स में सोमवार देर रात आग लगने से तीन नवजात बच्चियों की मौत हो गई। जिसमें एक बच्ची फासिल की भी जो अपनी बच्ची के शव को देखकर फूट फूटकर रोने लगा और बोला मैं अपनी पत्नी से क्या कहूंगा...

सोमवार की देर रात एम. फासिल ने अपनी बेटी को आखिरी बार देखा। वह महज पांच दिन की थी। उस बच्ची को तेलंगाना सरकार द्वारा संचालित राजीव गांधी इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (रिम्स) के स्पेशल नियोनेटल केयर यूनिट में भर्ती कराया गया था।

राजकीय राजीव गांधी इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (रिम्स) के स्पेशल न्यूबॉर्न केयर यूनिट में सोमवार देर रात एयर कंडीशनर यूनिट में विस्फोट होने से भीषण आग लग गई। इस हादसे में तीन समय से पहले जन्मी (प्री-टर्म) नवजात बच्चियों की मौत हो गई। सभी तीनों शिशु 28 सप्ताह में पैदा हुई थीं।

फासिल ने बताया कि डॉक्टर ने मुझे यूनिट में जाने की अनुमति दी थी। मैं वहां सिर्फ पांच-छह मिनट के लिए अंदर गया, अपनी बेटी को देखा और बाहर आने से पहले उसके जल्दी स्वस्थ होने की प्रार्थना की।

कुछ ही क्षणों बाद एयर कंडीशनिंग यूनिट में जोरदार विस्फोट हुआ। अस्पताल का वह हिस्सा आग की लपटों में घिर गया। इस हादसे में तीन समय से पहले जन्मी (28 सप्ताह की) नवजात बच्चियों की मौत हो गई। फासिल की बेटी भी उनमें से एक थी।

दर्द भरा सवाल

बेटी की मौत के बाद टूटे हुए फासिल ने कहा कि अब वह नहीं रही। मैं अपनी पत्नी सबा को क्या बताऊं? वह दूसरे अस्पताल में भर्ती हैं। इसका जिम्मेदार कौन है? मेरी बेटी को कौन वापस लाएगा? उनके भाई उन्हें सांत्वना देने की कोशिश कर रहे थे।

फासिल इंद्रवेल्ली (आदिलाबाद से 36 किलोमीटर दूर) के रहने वाले हैं। उनकी बेटी 18 सितंबर को निजी अस्पताल में पैदा हुई थी। वजन महज एक किलो होने के कारण उसे रिम्स के एसएनसीयू में शिफ्ट किया गया था। आग लगने के करीब एक घंटे बाद रात 12:30 बजे उनकी मौत हो गई।