हैदराबाद, एएनआइ। कोरोना वायरस संक्रमण के कारण मरनेवालों के अंतिम संस्‍कार को लेकर भी राज्‍य सरकारों को काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। ऐसे में आंध्र प्रदेश सरकार कोविड-19 से मरनेवालों के अंतिम संस्कार के लिए 15,000 रुपये की राशि देने का निर्णय किया है। ये राशि अगर परिवार अंतिम संस्‍कार करता है, तो उनको मिलेगी या अंतिम संस्कार करने वाले नगर निगम/ पंचायत कर्मचारियों को भी दी जा सकती है। आंध्र प्रदेश के स्वास्थ्य और परिवार कल्याण आयुक्त काटामानेनी भास्कर ने बताया कि कोरोना संक्रमण से मरनेवाले शख्‍स का जो कोई भी अंतिम संस्‍कार करता है, उसे सरकार की ओर से 15 हजारे रुपये की राशि दी जाएगी।

आंध्र प्रदेश से लगातार कोरोना वायरस संक्रमण से मरनेवालों के शवों के साथ बदसलूकी के मामले सामने आ रहे हैं। पिछले दिनों राज्‍य में 72 वर्षीय कोरोना संक्रमित बुजुर्ग का शव उसके घर से श्मशान घाट तक एक जेसीबी मशीन में रखकर ले जाया गया। पूरी घटना का वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो गया, जिसमें जेसीबी चलाने वाले भी पीपीई किट पहने नजर आ रहे हैं। इस घटना को लेकर विपक्ष ने हंगामा मचा दिया है, जिसके बाद राज्य का राजनीतिक पारा गर्मा गया है।

विपक्ष ने आलोचना के बाद मुख्‍यमंत्री वाई एस जगनमोहन रेड्डी ने इसे अमानवीय घटना करार देते हुए सख्त कार्रवाई करने का वादा किया था। उन्होंने कहा था कि ऐसे केस को डील करने के लिए प्रोटोकॉल स्पष्ट है। पीड़ित को शिफ्ट करने के लिए जरूरी प्रोटोकॉल्स को नहीं फॉलो किया गया। हालांकि, इन कर्मचारियों के खिलाफ क्‍या कार्रवाई की गई, ये तो पता नहीं चल पाया। अब राज्‍य सरकार ने कोरोना से मरनेवालों के शवों के अंतिम संस्‍कार के लिए 15000 रुपये देने का ऐलान कर दिया है। उम्‍मीद है कि अब शवों के साथ राज्‍य में बदसलूकी नहीं होगी।

वैसे बता दें कि भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (आइसीएमआर) ने स्‍पष्‍ट किया है कि मरने के बाद शव में कुछ घंटों के बाद कोरोना वायरस भी नष्‍ट हो जाता है। ऐसे में शव कोरोना वायरस के फैलने की संभावना न के बराबर होती है। लेकिन इसके बावजूद लोगों में इस जानलेवा वायरस को लेकर काफी डर है, जिसकी वजह से कोरोना संक्रमितों के शवों को कोई हाथ नहीं लगाया चाहता है।

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