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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Aug 04, 2022 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Andhra Gas Leak Tragedy: आंध्र प्रदेश में सभी उद्योगों के लिए सीएम ने सुरक्षा आडिट का दिया आदेश, जल्द होगा उच्च स्तरीय समिति का गठन

By Babli KumariEdited By:
Published: Thu, 04 Aug 2022 07:47 AM (IST)

Andhra Gas Leak Tragedyआंध्र प्रदेश के अनाकापल्ले में मंगलवार को कारखाने में गैस रिसाव के बाद कई लोगों के बीमार ...और पढ़ें

आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री वाईएस जगन मोहन रेड्डी (फाइल फोटो/एएनआई)
आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री वाईएस जगन मोहन रेड्डी (फाइल फोटो/एएनआई)

अनाकापल्ले, एजेंसी। आंध्र प्रदेश के अनाकापल्ले जिले में एक कपड़ा कारखाने में गैस रिसाव के बाद, आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री वाईएस जगन मोहन रेड्डी ने बुधवार को राज्य के सभी उद्योगों में सुरक्षा आडिट का आदेश दिया। यह फैसला अनाकापल्ले जिले के अच्युतपुरम एसईजेड में हुई गैस रिसाव की घटना के मद्देनजर आया है।

मुख्यमंत्री कार्यालय का एक आधिकारिक बयान सामने आया है जिसमें कहा गया 'सीएम ने अधिकारियों के साथ स्थिति की समीक्षा की और पीड़ितों को दी जा रही चिकित्सा सहायता के बारे में जानकारी ली। कारणों का पता लगाने के अलावा, उन्होंने भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए किए जाने वाले उपायों पर भी ध्यान देने का आदेश दिया।'

राज्य प्रमुख ने अधिकारियों को गैस रिसाव के मुद्दे पर गंभीरता से विचार करने और घटना पर एक उच्च स्तरीय समिति बनाने का भी आदेश दिया।

कारखाने में दुर्घटना के बाद से 121 महिला श्रमिक प्रभावित हुईं और अनाकापल्ले जिले के विभिन्न अस्पतालों में उनका इलाज चल रहा है।

इससे पहले जून में, राज्य के विशाखापत्तनम के अचुतापुरम इलाके में एक प्रयोगशाला में गैस रिसाव के बाद लगभग 178 महिला कर्मचारी बीमार हो गईं, जिसके बाद सरकार ने कारण का पता लगाने के लिए एक संयुक्त समिति का गठन किया। यह संदेह था कि एयर कंडीशनिंग गैस के रिसाव का कारण था।

विशाखापत्तनम जिले के अधिकारियों के अनुसार, 53 लोगों को सरकारी अस्पताल में इलाज के लिए भर्ती कराया गया, जबकि 41 अन्य का जिले के अन्य अस्पतालों में इलाज चल रहा है.

इससे पहले, अनाकापल्ले के जिला चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी हेमंत ने कहा था कि अधिकांश रोगियों ने सांस लेने में कठिनाई, मतली और उल्टी की शिकायत की। कुछ नमूने अधिक विस्तृत जांच के लिए भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (ICMR) को भी भेजे गए थे।

रिपोर्टों के अनुसार, ब्रैंडिक्स परिसर में हुई गैस रिसाव के कारण मंगलवार को बीमार पड़ने के बाद शुरू में लगभग 50 लोगों को अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जिसके बाद कर्मचारी दहशत की चपेट में आ गए।