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'सहकारी समितियों से महिला सशक्तीकरण ही पीएम मोदी का मुख्य उद्देश्य', केरलम दौरे पर बोले अमित शाह

Published: Sat, 26 Sep 2026 10:27 PM (IST)

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने केरलम में कहा कि सहकारी समितियों के माध्यम से महिला सशक्तीकरण प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ...और पढ़ें

गृह मंत्री अमित शाह का केरलम दौरा

गृह मंत्री अमित शाह का केरलम दौरा

HighLights

  1. सहकारी समितियों से महिला सशक्तीकरण पीएम मोदी का मुख्य उद्देश्य।

  2. सहकारिता मंत्रालय का गठन ग्रामीण विकास और महिला सशक्तीकरण हेतु।

  3. 'लखपति दीदी' लक्ष्य हासिल, 2029 तक छह करोड़ का लक्ष्य।

डिजिटल डेस्क, तिरुवनंतपुरम। केंद्रीय गृह और सहकारिता मंत्री अमित शाह ने कहा कि सहकारी समितियों के जरिये महिलाओं का सशक्तीकरण प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मुख्य लक्ष्यों में से एक है। वह केरलम के कुंदरा में नेशनल कोआपरेटिव कंज्यूमर्स फेडरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड (एनसीसीएफ) के तहत सहकारी समितियों की कई पहलों का उद्घाटन करने के बाद लोगों को संबोधित कर रहे थे।

इन पहलों का उद्देश्य सहकारी क्षेत्र में महिलाओं को सशक्त करना देना है। उन्होंने कहा कि केरल का नाम बदलकर 'केरलम' किए जाने के बाद राज्य का यह उनका पहला दौरा है। शाह ने कहा कि किसान और सहकारी क्षेत्र से जुड़े लोग आजादी के समय से ही सहकारिता के लिए एक अलग केंद्रीय मंत्रालय बनाने की मांग कर रहे थे, लेकिन यह मांग पूरी नहीं हुई थी।

पीएम नरेन्द्र मोदी ने सहकारिता मंत्रालय बनाया और देश में ग्रामीण विकास, कृषि विकास और महिला सशक्तीकरण की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया।

उन्होंने कहा कि सहकारी समितियों के जरिये महिलाओं का सशक्तीकरण पीएम मोदी का मुख्य उद्देश्य है। 'सहकार से समृद्धि' का फार्मूला असल में हमारे देश की ग्रामीण और गरीब महिलाओं के लिए है।" पीएम मोदी के नेतृत्व में पिछले 10-12 वर्षों में महिला सशक्तीकरण को बढ़ावा देने के लिए महत्वपूर्ण प्रयास किए गए हैं।

महिला कर्मचारियों को दी गई अलग-अलग सुविधाओं की वजह से श्रम शक्ति में महिलाओं की हिस्सेदारी 2014-15 में 23 प्रतिशत से बढ़कर 40 प्रतिशत हो गई है।

उन्होंने कहा कि पीएम मोदी के नेतृत्व में लगभग 36 करोड़ महिलाओं के बैंक खाते खोले गए। मुस्लिम महिलाओं के अधिकारों की रक्षा के लिए पीएम मोदी ने तीन तलाक पर रोक लगाने का कदम उठाया। मुस्लिम महिलाएं अब बिना किसी पुरुष साथी के हज यात्रा कर सकती हैं। आज 11 हजार से अधिक बेटियां भारतीय सशस्त्र बलों में अफसर के रूप में सेवा दे रही हैं।

तीन करोड़ 'लखपति दीदी' बनाने का लक्ष्य 2024 से पहले ही हासिल कर लिया गया था। 2029 तक इस संख्या को छह करोड़ तक पहुंचाना है। कहा कि केरलम में 23 हजार से अधिक कोआपरेटिव सोसायटियां काम कर रही हैं। उन्होंने केरल के सहकारिता मंत्री एम लिजू को दिल्ली आने का न्योता दिया और कहा कि केंद्र सरकार डेरी, बीज और जैविक खेती जैसे क्षेत्रों में विशेष मदद और मार्गदर्शन देगी।

(न्यूज एजेंसी पीटीआई के इनपुट के साथ)