जागरण संवाददाता, कोलकाता। भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी पर जमकर निशाना साधा। साथ ही उन्होंने वाममोर्चा-कांग्रेस गठबंधन पर भी प्रहार किया। शाह ने बुधवार को दक्षिण 24 परगना जिले के डायमंड हार्बर में चुनावी जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि सत्ता में आने के बाद ममता बनर्जी विकास के वादे भूल गईं। उनके शासनकाल में राज्य में एक भी नया उद्योग नहीं स्थापित हुआ बल्कि बंद हुए हैं। यहां उद्योग के नाम पर सिर्फ बम बनाने का कारखाना लगा है। यहां चहुंओर बम बनाया जा रहा है। ऐसी स्थिति में उन्होंने बंगाल में परिवर्तन की नई लहर लाने का आह्वान किया। उन्होंने आश्वासन दिया कि बंगाल में भाजपा की सरकार बनी तो बांग्लादेश से होने वाली घुसपैठ पर रोक लगेगी। एक भी घुसपैठिया बांग्लादेश से पश्चिम बंगाल में नहीं घुस पाएगा।

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उन्होंने सारधा, नारद स्टिंग कांड एवं विवेकानंद फ्लाईओवर हादसे पर ममता बनर्जी पर प्रहार किया। भाजपा अध्यक्ष ने कहा कि ममता के शासनकाल में कोई भी ब्रिज मजबूत नहीं हो सकता, क्योंकि ब्रिज बनाने के लिए तृणमूल के सिंडिकेट से बालू, लोहा श्रमिक लेना पड़ता है। ममता न तो जनता के पैसे लूटने वाले सारधा कांड पर कुछ बोलीं और न ही नारद मामले में कोई कदम उठाया बल्कि इसमें शामिल नेताओं को चुनाव का टिकट भी दे दिया। मां-माटी-मानुष का नारा बदल गया है। इस नारे के सहारे सत्ता में आने वाली ममता बनर्जी अपने वादे भूल गईं।

भाजपा अध्यक्ष ने बंगाल में कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी और माकपा के वरिष्ठ नेता व पूर्व मुख्यमंत्री बुद्धदेव भट्टाचार्य के एक मंच पर होने पर खिल्ली उड़ाई। उन्होंने कहा कि केरल में एक-दूसरे के खिलाफ प्रचार करने वाले बंगाल में एक साथ दिख रहे हैं। यहां वाममोर्चा-कांग्रेस के बीच गठबंधन नहीं हुआ है बल्कि चुनावी समझौता है। शाह ने कहा कि ममता की लड़ाई चुनाव आयोग से है। उन्होंने कहा कि गरीबों के लिए केंद्र सरकार द्वारा चालू की गई कई योजनाओं का तृणमूल कांग्रेस ने नाम बदलकर राज्य सरकार द्वारा प्रायोजित बताया है।

By Manish Negi