विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Apr 07, 2022 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

जानें- गृहमंत्री अमित शाह ने कब किससे और क्‍यों कहा- अब बड़ा साइक्लोन भी आ जाए संभाल लेंगे

By Mahen KhannaEdited By:
Published: Thu, 07 Apr 2022 11:49 AM (IST)Updated: Thu, 07 Apr 2022 12:50 PM (IST)

शाह ने कहा कि जब हमें किसी भी आपदा के दौरान एनडीआरएफ की तैनाती का पता चलता है तो हमारी ...और पढ़ें

क्षमता निर्माण पर वार्षिक सम्मेलन को संबोधित करते अमित शाह। (फोटो-एएनआइ)
क्षमता निर्माण पर वार्षिक सम्मेलन को संबोधित करते अमित शाह। (फोटो-एएनआइ)

नई दिल्ली, एएनआइ। आपदा प्रतिक्रिया के लिए क्षमता निर्माण पर वार्षिक सम्मेलन को संबोधित करते हुए आज केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि एनडीआरएफ अकेला ही हमारी आधी चिंताओं को दूर कर देता है। विज्ञान भवन में आयोजित इस समारोह में शाह ने एनडीआरएफ की खूब तारीफ की। उन्होंने कहा कि जब हमें किसी भी आपदा के दौरान एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की तैनाती के बारे में पता चलता है, तो हम अपनी आधी चिंताओं से स्वतः ही मुक्त हो जाते हैं क्योंकि हमें पता है कि अब एनडीआरएफ सब संभाल लेगा।

शाह ने आगे कहा कि NDRF ने अब दुनियाभर में आपदा के क्षेत्र में अपना सिक्का जमा लिया है। कई बार पड़ोस के देशों में जाकर भी इस फोर्स ने मानवता के लिए कई बड़े काम किए हैं। उन्होंने बताया कि 2016 में पीएम मोदी ने एनडीएमए (राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण) और एनडीएमपी (राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन योजना) शुरू की थी और केंद्र सरकार हर तरह की आपदा पर लगातार काम कर रही है। शाह के अनुसार अब तक 26 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों ने एसडीआरएफ का गठन कर दिया है।

बड़ा साइक्लोन भी आ जाए, संभाल लेंगे

गृह मंत्री ने कहा कि उन्होंने वर्ष 2001 में गुजरात में आए भूकंप के बाद का दृश्य अपनी आंखों से देखा था जिसमें हजारों लोगों ने अपनी जान गंवाई थी। और 1999 के उड़ीसा में आए सूपर साइक्लोन को भी देखा जिसमें हजारों की संख्या में लोगों की मौत हुई थी। शाह ने कहा कि लेकिन आज हम एनडीआरएफ ने कारण इतने काबिल हो गए हैं कि अब कितना भी बड़ा साइक्लोन आ जाए हमारा देश उससे निपट लेगा। बता दें कि पिछले साल ही ओडिसा में यास (YAAS cyclone) साइक्लोन आया था जिसमें एनडीआरएफ ने सराहनीय काम किया था।

केवल संसाधनों से कुछ नहीं होता

शाह ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि देश में केवल संसाधनों के होने से रिसर्च कर देने से कुछ नहीं होता है। गृह मंत्री ने कहा कि रिसर्च को जमीन तक क्रियांवित करने के लिए एक बल की जरूरत होती है जिसमें एनडीआरएफ एक सराहनीय कार्य कर रहा है।