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आतंकवाद के खिलाफ भारत का 'प्रहार' : अमित शाह ने लॉन्च किया नया प्रत्यर्पण पोर्टल, 36 देशों से लाए गए 288 भगोड़े

Published: Mon, 28 Sep 2026 09:28 PM (IST)

गृह मंत्री अमित शाह ने भारत की पहली आतंकरोधी नीति 'प्रहार' को मजबूत करने पर जोर दिया और एक नया प्रत्यर्पण पोर्टल लॉन्च किया।

आतंकवाद के खिलाफ भारत का 'प्रहार'।

आतंकवाद के खिलाफ भारत का 'प्रहार'।

HighLights

  1. 'प्रहार' नीति को अगले 10 वर्षों के लिए मजबूत करने पर जोर।

  2. आतंकवाद के खिलाफ नया प्रत्यर्पण पोर्टल लॉन्च किया गया।

  3. शहजाद भट्टी जैसे 40 से अधिक आतंकी मॉड्यूल ध्वस्त हुए।

जागरण ब्यूरो, नई दिल्ली। गृह व सहकारिता मंत्री अमित शाह ने आतंकवादी घटनाओं का लगातार विश्लेषण कर अगले 10 वर्षों के लिए एक मजबूत और ठोस ''प्रहार'' तंत्र स्थापित करने के साथ ही ''प्रहार'' रणनीति को मजबूत और बेहतर बनाने के लिए लगातार प्रयासों की आवश्यकता पर बल दिया।

''प्रहार'' भारत की पहली आतंकरोधी नीति है। इस नीति को लेकर आयोजित सम्मेलन को संबोधित करते हुए अमित शाह ने कहा कि इस नीति के तहत सभी एजेंसियों के समन्वय से सीमा पार से ड्रग्स, हथियार सप्लाई करने वाले शहजाद भट्टी नेटवर्क के 40 से अधिक मॉड्यूल बस्ट किए गए और 15 राज्यों में 100 से अधिक एफआईआर दर्ज कर 350 लोगों को गिरफ्तार किया गया।

इसके साथ ही यूएपीए के तहत शहजाद भट्टी नेटवर्क को आतंकवादी संगठन भी घोषित किया गया।

आतंकवाद के खिलाफ जमीनी स्तर पर भी तत्काल कार्रवाई

‘प्रहार आतंकवाद-रोधी नीति और रणनीति’ विषय पर आयोजित सम्मेलन का उद्घाटन करते हुए अमित शाह ने कहा कि इस रणनीति को थाना स्तर तक पहुंचाने पर ध्यान केंद्रित करना होगा। ताकि आतंकवाद के खिलाफ जमीनी स्तर पर भी तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित किया जा सके।

आतंकवादी खतरों को कम करने के लिए उठाए गए विभिन्न कदमों का जिक्र करते हुए शाह ने कहा कि प्रहार फ्रेमवर्क के हर स्तर पर आतंकवाद-रोधी स्वचालित प्रतिक्रिया प्रणाली बनानी होगी और उन्हें संस्थागत रूप देना होगा, ताकि आतंकवाद गतिविधियों के सभी स्तर पर स्वत: कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।

288 भगौड़े अपराधियों को देश में वापस लाया गया

इसके लिए ''प्रहार'' से जुड़े सभी एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय की भी जरूरत होगी। ताकि आतंकी गतिविधियों के खिलाफ कार्रवाई में देरी को राका जा सके। एजेंसियों के बीच इसी समन्वय का परिणाम है कि 2019 से 2026 में 36 देशों से 288 भगौड़े अपराधियों को देश में वापस लाया जा सका।

शाह ने विदेश से भगोड़ों को वापस लाने के प्रयासों में समन्वय बेहतर बनाने के लिए एक नया प्रत्यर्पण पोर्टल भी लॉन्च किया और भगोड़ों को वापस लाने के लिए राज्य पुलिस को केन्द्रीय एजेंसियों के साथ मिलकर काम करने वाली विशेष टीम का गठन करने को कहा।

‘प्रहार’ के सात स्तंभों पर चर्चा 

सम्मेलन में ‘प्रहार’ के सात स्तंभों पर चर्चा की गई। इनमें रोकथाम, प्रतिक्रिया, आंतरिक क्षमताओं को एकजुट करना, मानवाधिकार, आतंकवाद को बढ़ावा देने वाली स्थितियों को कम करना, अंतरराष्ट्रीय प्रयासों में तालमेल बिठाना और समाज के एकजुट प्रयास शामिल है।

सम्मेलन में केन्द्रीय गृह सचिव गोविंद मोहन, विदेश सचिव विक्रम मिस्री, केन्द्रीय सशस्त्र पुलिस बलों व केन्द्रीय पुलिस संगठनों के प्रमुख मोजूद थे। इसके साथ ही 15 राज्यों के पुलिस महानिदेशक और सभी राज्यों/केंद्रशासित प्रदेशों के आतंकवादरोधी दस्तों के प्रमुख भी इसमें शामिल हुए।

वहीं अन्य राज्यों के पुलिस महानिदेशक और वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने वर्चुअल माध्यम से सम्मेलन में भाग लिया।