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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Apr 01, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

केंद्रीय मंत्री अमित शाह पहुंचे मिजोरम, 2,415 करोड़ रुपए की विभिन्न परियोजनाओं की रखेंगे आधारशिला

By Jagran NewsEdited By: Versha Singh
Published: Sat, 01 Apr 2023 02:49 PM (IST)Updated: Sat, 01 Apr 2023 02:57 PM (IST)

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह शनिवार को मिजोरम के आइजोल में 2415 करोड़ रुपये की विभिन्न परियोजनाओं का उद्घाटन और ...और पढ़ें

केंद्रीय मंत्री अमित शाह पहुंचे मिजोरम, परियोजनाओं की रखेंगे आधारशिला
केंद्रीय मंत्री अमित शाह पहुंचे मिजोरम, परियोजनाओं की रखेंगे आधारशिला

आइजोल (मिजोरम), एजेंसी। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह शनिवार को मिजोरम के आइजोल में 2,415 करोड़ रुपए की विभिन्न परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास करने पहुंचे।

शाह अगले महीने के पहले दिन पूर्वोत्तर राज्य की अपनी यात्रा के दौरान 2,414 करोड़ रुपए की लागत वाली छह प्रमुख परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास करेंगे।

इस दौरान कार्यक्रम को संबोधित करते हुए गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि नरेंद्र मोदी सरकार ने PM-DevINE के तहत पूर्वोत्तर क्षेत्र के बजट में 276% की वृद्धि की है। 2025 से पहले क्षेत्र के सभी 8 राज्यों की राजधानियां हवाई, रेल और सड़क मार्ग से जुड़ जाएंगी।

उन्होंने आगे कहा कि कभी यहां हिंसा होती थी, लेकिन आज जोरमथंगा मिजोरम के सीएम हैं, यह भारत में लोकतंत्र की सफलता की मिसाल है।

इन परियोजनाओं में 163 करोड़ रुपए की लागत से असम राइफल्स बटालियन मुख्यालय परिसर जोखवासंग के निर्माण का उद्घाटन और स्मार्ट सिटी लिमिटेड (ASCL) के तहत 119.2 करोड़ रुपए की लागत से 'इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर' (ICCC) का निर्माण होगा।

आइजोल से लगभग 15 किमी पूर्व में ज़ोखवासांग में असम राइफल्स मुख्यालय परिसर, इन 6 प्रमुख परियोजनाओं में से एक है। असम राइफल्स, जो म्यांमार के साथ मिजोरम की 510 किलोमीटर की सीमा की रखवाली कर रही है, के आइजोल में 2 बेस हैं, एक जोडिन में और दूसरा खातला में। ज़ोडिन में बटालियन मुख्यालय को ज़ोखवासंग में स्थानांतरित किया जा रहा है।

1990 के दशक की शुरुआत से ही आइजोल शहर के केंद्र से असम राइफल्स को स्थानांतरित करना मिजो नेशनल फ्रंट की प्रमुख प्रतिबद्धताओं में से एक रहा है। असम राइफल्स को स्थानांतरित करने की मांग पहली बार 1988 में लालडेंगा द्वारा उठाई गई थी, जब केंद्रीय अर्धसैनिक बल ने संघर्ष में सात नागरिकों को मार डाला था।

इसके अलावा, गृह मंत्री 781.85 करोड़ रुपए की लागत से जोरिनपुई-लोंगमासु NH-502A के निर्माण की आधारशिला रखेंगे। 329.70 करोड़ रुपये की लागत से आइजोल बाईपास (पैकेज-1), एनएच-6 का निर्माण, 720.72 करोड़ रुपये की लागत से आइजोल बाईपास (पैकेज-3), एनएच-6 का निर्माण और 193 करोड़ रुपए की लागत से लालडेंगा केंद्र का निर्माण किया जाएगा।