नई दिल्ली, एएनआइ। एलएसी में तनाव के बीच भारतीय वायु सेना लगातार दुश्मनों पर अपनी पकड़ और मजबूत किए हुए है। भारतीय वायुसेना ने 10 आकाश मिसाइलों का सफल परीक्षण किया है। आकाश एक मध्यम दूरी की सतह से हवा में मार करने वाली मिसाइल रक्षा प्रणाली है, जिसे रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन (DRDO) द्वारा विकसित किया गया है। इसके साथ ही भारत डायनेमिक्स लिमिटेड और भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड द्वारा इन मिसाइल को निर्मित किया गया है।

आंध्र प्रदेश के सूर्यलंका परीक्षण रेंज में पिछले सप्ताह इन मिसाइलों का परीक्षण किया गया। लक्ष्य पर दागी गई अधिकांश आकाश मिसाइलों ने सीधा प्रहार किया।

समाचार एजेंसी एएनआइ के अनुसार लड़ाई के दौरान दुश्मन के विमानों को मार गिराने के लिए ये मिसाइलें संयुक्त गाइडेड हथियारों से लैस हैं। भारतीय वायु सेना ने अभ्यास के दौरान आकाश मिसाइलों और कंधे से हवा में मार करने वाली मिसाइलों का परीक्षण किया।

दिलचस्प बात यह है कि इन दोनों प्रणालियों को वर्तमान में पूर्वी लद्दाख और अन्य क्षेत्रों में एलएसी के साथ तैनात किया गया है, ताकि दुश्मन के किसी भी विमान को भारतीय वायुसीमा का उल्लंघन करने से रोका जा सके।

स्वदेशी हथियारों से युद्ध करने की इच्छा को पूरा करेगा आकाश मिसाइल

आकाश को लेकर भारतीय वायु सेना से जुड़े एक अधिकारी ने कहा कि आकाश सबसे सफल स्वदेशी हथियार प्रणालियों में से एक है और यह रक्षा बलों की स्वदेशी हथियारों से युद्ध करने की इच्छा को पूरा करेगा। आकाश मिसाइल को हाल ही में अपग्रेड किया गया है और जो इसे पहले की तुलना में अधिक आसानी के साथ लक्ष्य को मार गिराने में मदद करेगा।

इसके साथ ही भारतीय वायु सेना से जुड़े एक अधिकारी ने कहा कि रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन (DRDO) आकाश प्राइम मिसाइल प्रणाली पर भी काम कर रहा है। जो इसे बहुत अधिक ऊंचाई वाले स्थानों पर भी लक्ष्य हासिल करने में सक्षम बनाएगी।

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