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'वोटरों को खुश करने में जुटे ट्रंप', ट्रेड डील पर अमेरिका ने जारी की फैक्ट शीट्स, तो अधिकारियों ने दे दिया जवाब?

By Jaiprakash RanjanEdited By: Chandan Kumar
Published: Tue, 10 Feb 2026 07:53 PM (IST)Updated: Tue, 10 Feb 2026 08:31 PM (IST)

अमेरिकी राष्ट्रपति भवन द्वारा ट्रेड डील पर जारी 'फैक्ट शीट्स' से भारत असहज है। भारतीय अधिकारियों का कहना है कि ...और पढ़ें

HighLights

  1. अमेरिकी व्हाइट हाउस ने ट्रेड डील पर फैक्ट शीट्स जारी कीं।

  2. भारत ने अमेरिकी फैक्ट शीट्स को घरेलू राजनीति का हिस्सा बताया।

  3. भारतीय अधिकारियों के लिए संयुक्त बयान ही एकमात्र आधिकारिक दस्तावेज है।

जयप्रकाश रंजन, नई दिल्ली। ट्रेड डील को लेकर अमेरिकी राष्ट्रपति भवन की तरफ से दिखाई जा रही तेजी और दावे भारत को असहज कर रहे हैं। पिछले आठ-नौ दिनों के दौरान दोनों देशों के शीर्ष नेताओं के बीच हुई वार्ता और उसमें कारोबारी समझौते को लेकर बनी सहमति की जानकारी सबसे पहले अमेरिकी पक्ष ने दी, उसके बाद इस पर संयुक्त बयान भी अमेरिका ने जारी किया और सोमवार को देर रात अमेरिका के राष्ट्रपति भवन व्हाइट हाउस ने दोनों देशों के बीच कारोबारी समझौते को ऐतिहासिक बताते हुए इसका संक्षिप्त ब्यौरा (फैक्ट शीट्स) भी जारी कर दिया।

इस फैक्ट शीट्स में 'ट्रेड डील' से आगे की भी कुछ बातें कहते हुए भारत की तरफ से अमेरिकी कारोबार को सहूलियत देने के लिए उठाए जाने वाले कदमों का दावा है। भारत के उच्च पदस्थ अधिकारियों ने इन दावों को दरकिनार करने की सलाह देते हुए कहा है कि, हमारे लिए संयुक्त बयान ही महत्वपूर्ण है। भारत का यह भी मानना है कि फैक्ट शीट्स के जरिए अमेरिकी सरकार अपने वोटरों को संतुष्ट करने की कोशिश कर रही है।

'भारत का यह इतिहास रहा है'

फैक्ट शीट्स में अमेरिका ने कहा है कि भारत का यह इतिहास रहा है कि वह अमेरिकी उत्पादों की राह में कई तरह की गैर-शुल्कीय बाधाएं उत्पन्न कर देता है। इस आधार पर कई अमेरिकी उत्पादों का आयात प्रतिबंधित है।

इसके साथ ही यह भी दावा किया गया है कि प्राथमिकता वाले क्षेत्रों में द्विपक्षीय कारोबार को प्रभावित करने वाले गैर-शुल्कीय बाधाओं को समाप्त करने को भारत तैयार है। इसमें एक दावा यह है कि दोनों देश प्रौद्योगिकी उत्पादों में द्विपक्षीय कारोबार को बढ़ाएंगे व संयुक्त प्रौद्योगिकी सहयोग बढ़ाएंगे। पिछले शुक्रवार को जारी संयुक्त बयान में भी कुछ ऐसी ही बाते हैं लेकिन फैक्ट शीट्स में आगे के रोडमैप के बारे में भी बताया गया है।

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इसमें कहा गया है, "द्विपक्षीय व्यापार समझौते (बीटीए) के लिए तय किए गए रोडमैप के अनुसार, अमेरिका और भारत अब भी बातचीत जारी रखेंगे। इन बातचीत में बाकी बचे आयात शुल्क को लेकर बाधाओं, अतिरिक्त गैर-शुल्कीय बाधाओं, व्यापार में आने वाली तकनीकी मुश्किलों, सीमा शुल्क और व्यापार को आसान बनाने के तरीकों, अच्छी नियम बनाने की प्रक्रियाओं, व्यापार से जुड़े उपायों, सेवाओं और निवेश, बौद्धिक संपदा (जैसे पेटेंट), श्रम, पर्यावरण, सरकारी खरीद, और सरकारी कंपनियों की व्यापार को बिगाड़ने वाली या गलत प्रथाओं को दूर करने पर चर्चा होगी।"

'अमेरिकी की राजनीति की वजह से फैक्ट शीट का सहारा'

इसमें दावा है कि भारत व अमेरिका अब ट्रेड डील के फ्रेमवर्क के मुताबिक अंतरिम समझौते को अंतिम रूप देने का काम करेंगे और सभी के हितों के मुताबिक बीटीए करेंगे जिससे अमेरिकी श्रमिकों व कारोबारियों को फायदा होगा।

दैनिक जागरण ने कुछ वरिष्ठ सरकारी अधिकारियों से बात की जिन्होंने फैक्ट शीट्स के बारे में कहा कि यह पूरी तरह से घरेलू राजनीति की वजह से किया गया है। भारत सरकार के लिए संयुक्त बयान ही एक मात्र आधिकारिक कागज है जिसके आधार पर आगे वार्ता होगी। बाकी जो दावे फैक्ट शीट्स में है उस पर मार्च, 2025 में जब अंतरिम ट्रेड डील का पूरा ब्यौरा जारी होगा, तभी स्थिति स्पष्ट होगी।

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