नई दिल्ली, प्रेट्र। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने गुरुवार को कृषि बुनियादी ढांचा कोष (एग्री इंफ्रास्ट्रक्चर फंड) के तहत केंद्रीय क्षेत्र की वित्तपोषण योजना में संशोधन के मंत्रिमंडल के निर्णय को दूरदर्शी निर्णय बताते हुए इसका स्वागत किया। उन्होंने कहा कि इस निर्णय से न सिर्फ एपीएमसी और सशक्त होंगी बल्कि इससे रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और अधिक से अधिक लोग लाभान्वित होंगे।

इस संशोधन के तहत कृषि बुनियादी ढांचा कोष के तहत वित्तीय सुविधाएं कृषि उपज मंडी समितियों (एपीएमसी), राज्य एजेंसियों, राष्ट्रीय और राज्य महासंघों, किसान उत्पादक संगठनों (एफपीओ) के साथ स्वयं सहायता समूह के महासंघ (स्वयं सहायता समूह) के लिए भी उपलब्ध होगी। गृह मंत्रालय के बयान के अनुसार, शाह ने कहा कि एपीएमसी के लिए एक ही कृषि मंडी के भीतर कोल्ड स्टोरेज, साइलो, छंटाई, मानकीकरण, जांच-परख इकाइयां आदि विभिन्न बुनियादी ढांचा परियोजना के लिए दो करोड़ रुपये तक के ऋण के लिए ब्याज सहायता प्रदान की जाएगी।

गृह मंत्री ने कहा कि मोदी सरकार कृषि और किसानों की समृद्धि के प्रति कटिबद्ध है। यह ऐतिहासिक निर्णय एपीएमसी की व्यवस्था को और सुदृढ करने के प्रति मोदी सरकार के संकल्प का परिचायक है। उन्होंने कहा कि इस फैसले के तहत एपीएमसी, स्वयं सहायता समूह (एसएचजी) और कृषि उत्पादक संगठन (एफपीओ) के महासंघों और राष्ट्रीय तथा राज्य सहकारी समितियों के महासंघों को शामिल करने से कृषि बुनियादी ढांचा क्षेत्र में अधिक निवेश आएगा जिससे रोजगार सृजन भी होगा। शाह ने कहा कि यह निर्णय कृषि क्षेत्र को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में मोदी सरकार का एक सकारात्मक कदम है।

Edited By: Neel Rajput