नई दिल्ली, जागरण ब्यूरो। ऐसे समय जब भारत चीन से अपने नागरिकों के एक और दल को स्वदेश लाने की तैयारी में है तब चीन के राजदूत सून वीडोंग ने कहा है कि वहां रहने वाले किसी भी भारतीय के अभी तक कोरोना वायरस से संक्रमित होने की सूचना नहीं है। वहां भारतीयों का वैसा ही ख्याल रखा जा रहा है जैसे चीन के नागरिकों का किया जा रहा है। खास तौर पर हुबेई प्रांत के विश्वविद्यालयों में पढ़ने वाले भारतीय छात्रों के स्वास्थ्य व अन्य जरूरतों का भी पूरा ख्याल रखा जा रहा है। उन्होंने वहां से वापस आये भारतीय छात्रों को भी आश्वस्त किया कि वह अगर अपने विश्वविद्यालय में जाना चाहते हैं तो शीघ्र से शीघ्र यूनिवर्सिटी से संपर्क करें।

चीन भारत के साथ साथ सार्वजनिक स्वास्थ्य क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने को तैयार

चीन में कोरोना वायरस से निपटने की तैयारियों के बारे में जानकारी देने के लिए बुलाये गये प्रेस कांफ्रेंस में वीडोंग ने बताया कि नये हालात में यह महत्वपूर्ण हो जाता है कि दोनो देश आम जनता के हितों को ध्यान में रखते हुए विज्ञान व तकनीक के क्षेत्र में सहयोग को और बढ़ायें। दोनो देशों के बीच विज्ञान व तकनीकी सहयोग पर एक संयुक्त समिति गठित है, जिसकी छह बैठकें हो चुकी हैं। इस वर्ष के अंत तक इसकी सातवीं बैठक होगी जिसमें कोरोना वायरस जैसे मुद्दों पर भी चर्चा हो सकती है। चीन भारत के साथ साथ सार्वजनिक स्वास्थ्य क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने को पूरी तरह से तैयार है। पिछले दिनों पीएम नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति शी शिनफिंग के बीच हुई बैठक में वर्ष 2020-21 में दोनो देशों के बीच विभिन्न शहरों व क्षेत्रों में 70 कार्यक्रम करने का फैसला किया गया था। वीडोंग के मुताबिक तय कार्यक्रमों के आयोजन में थोड़ी देरी हो सकती है लेकिन उन्हें निश्चित तौर पर किया जाएगा।

कोरोना वायरस के मामलों में 50 फीसद कमी, हुबेई और वुहान में महामारी पर रोकथाम

कोरोना वायरस के बारे में चीन के राजदूत सन वेइदोंग ने दावा किया है कि अब महामारी पर आमतौर पर नियंत्रण पा लिया गया है। 17 फरवरी तक हुबेई प्रांत के बाहर पूरे चीन में लगातार 14 दिनों तक पुष्ट मामलों की संख्या में कमी आई है। संक्रमित मामलों में 50 फीसद से अधिक की गिरावट आर्इ है। हुबेई और वुहान में महामारी को अधिक प्रभावी ढंग से रोकथाम की जा रही है। इलाज की दर में 1.3% से 8.2% की तेजी से वृद्धि हुई है। 12,000 से अधिक लोग स्‍वस्‍थ्‍य हुए हुए हैं और उन्हें अस्पतालों से छुट्टी दी जा रही है।

महामारी की रोकथाम के लिए चीन ने किए जबरदस्‍त प्रयास

उन्‍होंने कहा कि चीन और भारत महामारी पर करीबी संवाद बनाए हुए हैं। हाल में पीएम मोदी ने राष्ट्रपति शी जिनपिंग को पत्र भेजा था, जिसमें चीनी सरकार द्वारा प्रकोप से निपटने के लिए किए गए जबरदस्त प्रयास को मान्यता दी गई।

2003 में आया था भारत से प्रतिनिधिमंडल

उन्‍होंने कहा कि यह 2003 में सार्स (SARS) के प्रकोप के दौरान मुझे जो कुछ भी अनुभव हुआ था, वह भी याद दिलाता है। उस समय मुझे भारत से तत्कालीन विदेश मंत्री जॉर्ज फर्नांडीस के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल से मिलने का सम्मान मिला था, जो महामारी के दौरान शंघाई का दौरा किया था।

महामारी के खत्म होते ही चीन की इकोनोमी में आएगा सुधार

उन्होंने माना कि महामारी से जो स्थिति पैदा हुई है उससे चीन की अर्थव्यवस्था पर कुछ समय के लिए इसका असर पड़ेगा और इससे वैश्विक अर्थव्यवस्था पर भी दबाव दिखेगा, लेकिन महामारी के खत्म होते ही चीन की इकोनोमी पूरी तरह से सुधार पर आ जाएगी और धीरे धीरे वैश्विक स्तर पर भी सुधार दिखेगा। अभी चीन को दो मोर्चो पर लड़ाई लड़नी पड़ रही है। एक तरफ महामारी को थामना है साथ ही दूसरी तरफ यह भी देखना है कि इकोनोमी व औद्योगिक सप्लाई पर असर नहीं पड़े। उन्होंने सभी देशों से आग्रह किया कि इस वायरस के बारे में फैलाई जाने वाले अफवाह से बचें और औद्योगिक आपूर्ति को बहाल करने में मदद करें।

सनद रहे कि भारत ने अपने दो जहाज वुहान भेज कर वहां से 647 भारतीयों को स्वदेश लाया है। अब एक जहाज और भेजने की तैयारी है। इस बारे में चीन से आवश्यक मंजूरी मांगी गई है। चीन पूरी मदद करने को तैयार है।

वायरस से अब तक 1800 से अधिक लोगों की मौत

चीन में कोरोना वायरस महामारी से मरने वालों की संख्या 1,800 से अधिक हो गई है। वायरस के केंद्र हुबेई प्रांत में सोमवार को 93 और लोगों की मौत हो गई। समाचार एजेंसी एएफपी के अनुसार अपने दैनिक रिपोर्ट में, प्रांत के स्वास्थ्य आयोग ने 1,807 नए मामलों की सूचना दी। सोमवार को नए मामलों की संख्या में गिरावट दर्ज की गई। चीन में 72,436 लोग इससे संक्रमित हैं।

चीन में दूसरे डॉक्टर की मौत

वुहान के एक प्रमुख अस्पताल के डायरेक्टर का कोरोना वायरस के कारण निधन हो गया। समाचार एजेंसी रायटर्स ने बताया कि वुहान के वुचांग अस्पताल के निदेशक लियू झिमिंग का सोमवार सुबह 10:30 बजे निधन हो गया। इस वायरस के संक्रमण से मरने वाले वे दूसरे डॉक्टर हैं। इससे पहले ली वेनलियानग की वायरस से मौत हो गई थी। उन्होंने सबसे पहले कोरोना वायरस को लेकर सबसे पहले चेतावनी जारी की थी। इसे लेकर उन पर कार्रवाई भी हुई थी।

Posted By: Arun Kumar Singh

डाउनलोड करें जागरण एप और न्यूज़ जगत की सभी खबरों के साथ पायें जॉब अलर्ट, जोक्स, शायरी, रेडियो और अन्य सर्विस