अंबाला,दीपक बहल। हरियाणा में आतंकियों की घुसपैठ की खुफिया रिपोर्ट के बाद अंबाला एयरफोर्स स्टेशन की सुरक्षा बढ़ा दी गई है। बाहरी लोगों का प्रवेश बंद कर दिया गया है। अनुमति होने के बावजूद मजदूर, मिस्त्री और ठेकेदार समेत करीब 300 लोगों का प्रवेश भी फिलहाल बंद कर दिया गया है। इस कारण अति महत्वपूर्ण राफेल प्रोजेक्ट का कार्य भी रुक गया है।

मालूम हो कि पंजाब के रास्ते पाकिस्तानी आतंकवादियों के प्रवेश होने की सूचना के बाद यहां अलर्ट कर दिया गया है। अंबाला एयरफोर्स स्टेशन में इमारत मरम्मत या फिर अन्य काम चलते रहते हैं। सुरक्षा के सभी मापदंड पूरे होने के बाद लेबर की एंट्री होती है। ट्रक, ट्रैक्टर-ट्रॉली भी निर्माण सामग्री लेकर यहां आते हैं। लेकिन इन दिनों इनका प्रवेश भी रोक दिया गया है।

सुपरसोनिक लड़ाकू विमान राफेल को अगले साल यहां तैनात किया जाएगा। इसके लिए अंबाला एयरफोर्स स्टेशन को अपग्रेड किया जा रहा है। पहले चरण में इसके रखरखाव और अपग्रेडेशन का काम आरंभ कर दिया गया है। इस पर करीब सवा सौ करोड़ रुपये खर्च आने का अनुमान है। इसमें 73 करोड़ के टेंडर आगरा की एक कंपनी को दिए गए हैं। राफेल के लिए वर्तमान बुनियादी ढांचे को विस्तार भी दिया जाएगा। कम से कम 14 नए शेल्टर्स, नए हैंगरों, नए संचालन स्थलों, एक डी-ब्री¨फग कक्ष और सिमुलेटर प्रशिक्षण का निर्माण होगा।

अंबाला एयरबेस रणनीतिक लिहाज से काफी अहम

रणनीतिक लिहाज से अंबाला एयरबेस काफी अहम है। यह पाकिस्तान सीमा से करीब 220 किलोमीटर दूर है। यहां अभी दो स्क्वाड्रन तैनात हैं। पहला जगुआर कॉम्बैट और दूसरी मिग-21 बाइसन। मिग-21 कुछ ही वर्षों में बेड़े से बाहर हो जाएंगे। ऐसे में राफेल की तैनाती होगी।

अंबाला और हाशिमारा एयरबेस पर रखे जाएंगे 18-18 राफेल

फ्रांस से मिलने वाले 36 राफेल विमानों में 18 अंबाला और 18 पश्चिम बंगाल के हाशिमारा एयरबेस पर रखे जाएंगे। हाशिमारा एयरबेस चीन और भूटान सीमा के करीब है। दो इंजन वाले इस लड़ाकू विमान में एक या दो पायलट बैठ सकते हैं।

ऊंचे इलाकों में लड़ने में माहिर यह विमान एक मिनट में 60 हजार फीट की ऊंचाई तक जा सकता है। अधिकतम भार ढोने की क्षमता 24500 किलोग्राम है। ईंधन क्षमता 4700 किलोग्राम है। अधिकतम रफ्तार 2200 से 2500 तक किमी प्रतिघंटा है और इसकी रेंज 3700 किलोमीटर है। इसमें 1.30 एमएम की एक गन लगी होती है जो एक बार में 125 राउंड गोलियां निकाल सकती है।

इसमें घातक एमबीडीए एमआइसीए, एमबीडीए मेटेओर, एमबीडीए अपाचे, स्टोर्म शैडो एससीएएलपी मिसाइलें लगी रहती हैं। इसमें थाले आरबीई-2 रडार और थाले स्पेक्ट्रा वारफेयर सिस्टम लगा होता है। साथ ही इसमें ऑप्ट्रॉनिक सेक्योर फ्रंटल इंफ्रा-रेड सर्च और ट्रैक सिस्टम भी लगा है।

Posted By: Tanisk

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