बेंगलुरु, एजेंसी। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने शुक्रवार सुबह ट्वीट कर कहा कि उन्हें बेंगलुरु में वैमानिकी विकास प्रतिष्ठान में एक सिम्युलेटर पर तेजस एलसीए (हल्का लड़ाकू विमान) उड़ाने का 'अद्भुत अनुभव' मिला। उन्होंने सिम्युलेटर के काकपिट पर बैठे हुए अपनी एक तस्वीर पोस्ट की। एक प्रशिक्षित पायलट उसके बगल में बैठा था और नियंत्रण कर रहा था।

वैमानिकी विकास प्रतिष्ठान(एडीई) देश के सशस्त्र बलों के लिए अत्याधुनिक यूएवी या मानव रहित हवाई वाहनों और उड़ान प्रणालियों की अवधारणा और विकास करता है। इसका प्राथमिक अनुसंधान एवं विकास यूएवी, पायलट रहित लक्ष्य विमान, हवाई हथियार और उड़ान सिम और नियंत्रण प्रणाली के क्षेत्र किया जाता है।

वहीं, इसके बाद रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने बेंगलुरु में वैमानिकी विकास प्रतिष्ठान (एडीई) का दौरा भी किया।

कर्नाटक दौरे पर राजनाथ सिंह ने बीते दिन कहा था कि रक्षा उत्पादों के निर्यात को बढ़ावा दिया जा रहा है। रक्षा मंत्री ने बेंगलुरु में कहा कि रक्षा उत्पादों के निर्यात को बढ़ावा देने और भारत को वैश्विक रक्षा आपूर्ति चेन का हिस्सा बनाने के उद्देश्य से हमने 2024-25 तक एयरोस्पेस, रक्षा सामान और सेवाओं में 35,000 करोड़ रुपये के निर्यात का लक्ष्य निर्धारित किया है।

उन्होंने आगे एक रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा था कि भारत पहली बार दुनिया के शीर्ष 25 रक्षा निर्यातक देश की सूची में शामिल हुआ है। रक्षा मंत्री ने कहा, 'स्टाकहोम अंतर्राष्ट्रीय शांति अनुसंधान संस्थान की 2020 की रिपोर्ट के अनुसार, भारत पहली बार दुनिया के शीर्ष 25 रक्षा निर्यातक देश की सूची में शामिल हुआ है। भारत रक्षा निर्यात में वैश्विक लीडर बने इसके लिए रक्षा मंत्रालय लगातार प्रयास कर रहा है।'

इससे पहले सिंह ने बताया था कि सरकार ने 2024 तक रक्षा क्षेत्र को 1,75,000 करोड़ के कारोबार का लक्ष्य रखा है। इसमें 35,000 करोड़ के मूल्य का निर्यात शामिल है।

Edited By: Nitin Arora