नई दिल्ली, एएनआइ। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद 77 दिन बाद बुधवार को आलोक वर्मा ने फिर से सीबीआई निदेशक का पदभार ग्रहण किया। पहले ही दिन उन्होंने बड़ा फैसला लिया। ड्यूटी पर लौटते ही सीबीआई निदेशक आलोक वर्मा ने बड़ा फैसला लिया। उन्होंने तत्कालीन निदेशक (प्रभारी) एम नागेश्वर राव द्वारा किए गए लगभग सारे तबादले रद कर दिए। अधिकारियों ने यह जानकारी दी है।

इससे पहले बुधवार को उन्होंने अपना कार्यभार संभाला। आपको बता दें कि वर्मा ने खुद को छुट्टी पर भेजे जाने के केंद्र के फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी, जिस पर कोर्ट ने मंगलवार को उन्हें बतौर सीबीआई निदेशक को बहाल तो कर दिया, लेकिन नीतिगत फैसले लेने का अधिकार नहीं होगा।

गौरतलब है कि सीबीआइ के निदेशक आलोक वर्मा और विशेष निदेशक राकेश अस्थाना के बीच तकरार शुरू होने के बाद सरकार ने दोनों को छुट्टी पर भेज दिया था और उनके सारे अधिकार ले लिए थे। उसके बाद 1986 बैच के ओडिशा काडर के आईपीएस अधिकारी राव को 23 अक्टूबर, 2018 को देर रात को सीबीआई निदेशक के दायित्व और कार्य सौंपे गए थे। अगली सुबह ही राव ने बड़े पैमाने पर तबादले किए थे। उनमें अस्थाना के खिलाफ भ्रष्टाचार के मामले की जांच करने वाले अधिकारी जैसे डीएसपी एके बस्सी, डीआईजी एमके सिन्हा, संयुक्त निदेशक एके शर्मा भी शामिल थे।

एक अधिकारी ने बताया कि वर्मा ने बुधवार को अपना दायित्व संभाल लिया और राव द्वारा किए गए सारे तबादले रद्द कर दिए। गौरतलब है कि आलोक वर्मा 31 जनवरी को रिटायर होंगे।

 

Posted By: Arun Kumar Singh

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