'ईरान से तुरंत बाहर निकलें', युद्धविराम के बीच भारतीयों के लिए नई एडवाइजरी
पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच भारत सरकार ने ईरान में अपने नागरिकों के लिए नई एडवाइजरी जारी की ...और पढ़ें

ईरान में फंसे भारतीयों के लिए अलर्ट तुरंत देश छोड़ने की सलाह (फोटो सोर्स- रॉयटर्स)

समय कम है?
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डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बीच भारत सरकार ने ईरान में रह रहे अपने नागरिकों के लिए नई एडवाइजरी जारी की है। हालात को देखते हुए भारतीय दूतावास ने लोगों को जल्द से जल्द सुरक्षित तरीके से ईरान छोड़ने की सलाह दी है।
भारत ने बुधवार को ईरान में मौजूद अपने नागरिकों के लिए ताजा एडवाइजरी जारी की। ईरान में भारतीय दूतावास ने साफ कहा है कि सभी भारतीय नागरिक जितनी जल्दी हो सके देश छोड़ दें। दूतावास ने लोगों से अपील की है कि वे केवल सुझाए गए सुरक्षित रास्तों का ही इस्तेमाल करें।
दूतावास ने यह भी चेतावनी दी है कि बिना उसकी अनुमति और समन्वय के किसी भी अंतरराष्ट्रीय सीमा की ओर जाने की कोशिश न करें। यानी नागरिकों को हर कदम पर दूतावास के संपर्क में रहकर ही यात्रा करनी होगी। इस एडवाइजरी के साथ दूतावास ने कई इमरजेंसी हेल्पलाइन नंबर और ईमेल भी जारी किए हैं, ताकि जरूरत पड़ने पर भारतीय तुरंत मदद ले सकें।
⚠️ Advisory as on 08 April 2026. pic.twitter.com/pusFQIAKKI
— India in Iran (@India_in_Iran) April 8, 2026
पहले दी गई थी रुकने की सलाह
इससे पहले मंगलवार शाम को भारतीय दूतावास ने अपने नागरिकों को 48 घंटे तक जहां हैं, वहीं सुरक्षित रहने की सलाह दी थी। यह एडवाइजरी उस समय आई थी जब हालात बेहद तनावपूर्ण थे और हमले तेज होने की आशंका जताई जा रही थी।
दरअसल, उसी दौरान अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप ने चेतावनी दी थी कि अगर ईरान ने समय सीमा के भीतर होर्मुज जलडमरूमध्य नहीं खोला, तो गंभीर सैन्य कार्रवाई हो सकती है। इसी वजह से भारतीय नागरिकों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई थी। अब हालात को देखते हुए सरकार ने रणनीति बदली है और लोगों को बाहर निकलने की सलाह दी है।
कितने भारतीय थे ईरान में
आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक, जब 28 फरवरी को संघर्ष शुरू हुआ था, तब ईरान में करीब 9,000 भारतीय मौजूद थे। इनमें छात्र, कामगार और अन्य पेशेवर शामिल थे। अब तक इनमें से लगभग 1,800 भारतीय सुरक्षित भारत लौट चुके हैं। बाकी लोगों को भी जल्द से जल्द सुरक्षित निकालने की कोशिश की जा रही है।
हाल ही में अमेरिका और ईरान के बीच दो हफ्ते के लिए सीजफायर का ऐलान हुआ है, लेकिन इसके बावजूद हालात पूरी तरह सामान्य नहीं माने जा रहे हैं। यही कारण है कि भारत सरकार कोई जोखिम नहीं लेना चाहती।
यह संघर्ष 28 फरवरी को शुरू हुआ था, जब अमेरिका और इजरायल ने ईरान पर संयुक्त हमले किए थे। इसके बाद पूरे क्षेत्र में तनाव लगातार बना हुआ है। भारत सरकार ने साफ कहा है कि नागरिक सतर्क रहें, अफवाहों से बचें और केवल आधिकारिक जानकारी पर भरोसा करें।
