INDI गठबंधन में सब ठीक? खरगे के लंच से दूरी पर बोले अखिलेश- चाय समोसे पर कर सकते हैं चर्चा
समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के INDI गठबंधन लंच में शामिल नहीं हुए, उन्होंने भविष्य में चाय-समोसे पर भी चर्चा की संभावना जताई।

खरगे के लंच से दूरी पर क्या बोले अखिलेश यादव। (पीटीआई)
HighLights
अखिलेश यादव खरगे के INDI गठबंधन लंच में नहीं हुए शामिल।
भविष्य में चाय-समोसे पर विपक्षी नेताओं की बैठक संभव।
सपा-कांग्रेस समन्वय पर उठे सवाल, 2027 यूपी चुनाव से पहले।
डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव (Akhilesh Yadav) ने बुधवार को कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की INDI गठबंधन के सांसदों के लिए लंच में शामिल नहीं होने के लिए अपने फैसले को स्पष्ट करते हुए कहा कि भविष्य में विपक्षी नेता चाय पर मिल सकते हैं या समोसे के लिए बैठ सकते हैं।
लंच में उनकी अनुपस्थिति के बारे में पूछे जाने पर अखिलेश यादव ने कहा कि सिर्फ एक लंच के बारे में नहीं होगा। भविष्य में आप चाय पर बैठक के बारे में सुन सकते हैं। हम सभी बैठ सकते हैं और समोसा भी खा सकते हैं, अगर समोसा का नारा लगाया जाता है, तो इसमें कुछ भी गलत नहीं है। कूटनीति जारी रहेगी।
पहले दिन INDI गठबंधन के विरोध प्रदर्शन शामिल हुए अखिलेश
सपा प्रमुख ने मंगलवार को पहले दिन INDI गठबंधन के विरोध प्रदर्शन में भाग लिया था, जब विपक्षी सांसदों ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग करते हुए चुनाव आयोग की ओर मार्च किया था। अखिलेश यादव विरोध प्रदर्शन के दौरान दिल्ली पुलिस द्वारा हिरासत में लिए गए नेताओं में से एक थे।
हालांकि, वह राहुल गांधी और अन्य कांग्रेस नेताओं के साथ आकाशवाणी भवन में उसके बाद के धरने में शामिल नहीं हुए, जहां वे हिरासत में लिए जाने से पहले घंटों तक रहे।
दूसरे दिन सपा ने खरगे के लंच से बनाई दूरी
बुधवार को, अखिलेश यादव और अन्य सपा सांसद जनपथ पर सागर रत्ना में खड़गे के लंच और उसके बाद जंतर-मंतर तक विरोध मार्च से भी दूर रहे। यह अनुपस्थिति 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनावों से पहले, INDI गठबंधन के दो प्रमुख घटक, सपा और कांग्रेस के बीच समन्वय पर सवालों के बीच आई।
