नई दिल्ली। रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन [डीआरडीओ] द्वारा विकसित आकाश मिसाइल सेना में शामिल होने के लिए तैयार है। तकरीबन 30 किलोमीटर की दूरी तक प्रहार करने सक्षम आकाश मिसाइल का बुधवार को ओडिशा के बालासोर में सफलतापूर्वक परीक्षण किया गया। सेना में शामिल किए जाने से पहले इस मिसाइल का यह अंतिम परीक्षण था।

एकीकृत मिसाइल विकास कार्यक्रम के तहत डीआरडीओ पिछले दो दशक से ज्यादा समय से आकाश एयर डिफेंस मिसाइल सिस्टम विकसित करने में जुटा था। डीआरडीओ ने बयान में कहा, आकाश मिसाइल ने समुद्र तल से काफी कम ऊंचाई [30 मीटर] वाले लक्ष्य को सफलतापूर्वक भेद दिया। यह मिसाइल 18 किलोमीटर की ऊंचाई तक के लक्ष्य को भेदने में सक्षम है। डीआरडीओ के मुताबिक, फ्लाइट ट्रायल के साथ सेना द्वारा आकाश मिसाइल का सभी परीक्षण कर लिया गया। डीआरडीओ प्रमुख अविनाश चंदर ने इस सफलता पर टीम को बधाई देते हुए कहा कि आकाश मिसाइल को निर्यात भी किया जा सकता है।

सुपरसोनिक आकाश मिसाइल का सफल परीक्षण