'इसमें कोई राजनीति नहीं, यह है एक दुर्घटना' भतीजे अजित के निधन पर बोले चाचा शरद पवार
महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार का बुधवार सुबह बारामती हवाई अड्डे के पास एक विमान दुर्घटना में निधन हो गया। ...और पढ़ें
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शरद पवार ने साजिश की बात को खारिज किया।

समय कम है?
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ओमप्रकाश तिवारी, मुंबई। महाराष्ट्र की राजनीति के सबसे कद्दावर चेहरों में से एक और राज्य के उपमुख्यमंत्री अजित पवार का बुधवार की सुबह एक विमान दुर्घटना में निधन हो गया।
उनके निधन पर भावुक शरद पवार ने कहा कि यह पूरी तरह से एक हादसा था और इसपर किसी भी तरह की राजनीति नहीं होनी चाहिए।
अजीत के चाचा शरद पवार ने इस दुखद घटना पर अपनी पहली टिप्पणी में कहा, 'इसमें कोई साजिश नहीं है; यह पूरी तरह से एक हादसा है।
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उपमुख्यमंत्री अजित पवार का विमान दुर्घटना में निधन
अजीत पवार के निधन से महाराष्ट्र को बहुत बड़ा नुकसान हुआ है। आज हमने एक काबिल नेता खो दिया है। महाराष्ट्र ने आज एक महान हस्ती खो दी है। इस नुकसान की भरपाई कभी नहीं हो सकती।'
यह दुर्घटना उनके गृहनगर बारामती के हवाई अड्डे के पास लैंडिंग के दौरान हुई। विमान में सवार चालक दल सहित सभी पांच लोगों की इस दुर्घटना में जान चली गई है।
सरकार ने राज्य में तीन दिन के राजकीय शोक की घोषणा की है। अजीत पवार का अंतिम संस्कार गुरुवार को सुबह 11 बजे बारामती में किया जाएगा।
अजित पवार बुधवार सुबह करीब 8.10 बजे मुंबई से पुणे जिला स्थित बारामती के लिए रवाना हुए थे। वे वहां आगामी स्थानीय निकाय चुनावों के प्रचार के लिए चार जनसभाओं को संबोधित करने जा रहे थे।
नागरिक उड्डयन मंत्रालय के अनुसार सुबह करीब 8.45 बजे बारामती हवाई अड्डे पर उतरते समय विमान दुर्घटनाग्रस्त हो गया और उसमें आग लग गई।

क्या थी हादसे की वजह?
नागरिक उड्डयन मंत्री के. राममोहन नायडू के अनुसार उस समय विजिबिलिटी (दृश्यता) काफी कम थी। पायलट ने पहली बार में रनवे नहीं दिखने पर 'गो-अराउंड' किया, लेकिन दूसरी बार लैंडिंग की कोशिश के दौरान विमान नियंत्रण खो बैठा और रनवे से कुछ दूरी पर जमीन से टकराकर आग की लपटों में घिर गया।
दुर्घटना स्थल से आ रही तस्वीरें दिल दहला देने वाली थीं। निजी चार्टर्ड विमान लियरजेट 45 (वीटी-एसएसके) पूरी तरह जलकर खाक हो गया है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, विमान के गिरते ही एक जोरदार धमाका हुआ और आसमान में धुएं का गुबार छा गया।
स्थानीय लोग मदद के लिए दौड़े, लेकिन आग इतनी भीषण थी कि किसी को बचाया नहीं जा सका। बाद में अजित पवार के शव की पहचान उनकी कलाई घड़ी से की गई।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस घटना पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए इसे देश के लिए अपूरणीय क्षति बताया है। प्रधानमंत्री ने अजीत पवार को याद करते हुए उन्हें ग्रामीण विकास के लिए काम करनेवाला नेता बताया है।
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने अपने 'मित्र' को याद करते हुए कहा कि उन्होंने एक मजबूत साथी खो दिया है। राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) के कार्यकर्ता और पवार समर्थक बड़ी संख्या में बारामती और मुंबई स्थित उनके आवास पर जुटने लगे हैं। दुर्घटना में अजित पवार सहित कुल 5 लोग मारे गए हैं।
इनमें दो पायलट, एक विमान परिचारिका और अजीत पवार के एक निजी सहायक शामिल हैं। अजित पवार का अंतिम संस्कार गुरुवार 29 जनवरी को बारामती में पूरे राजकीय सम्मान के साथ किया जाएगा।
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महाराष्ट्र में तीन दिन का राजकीय शोक घोषित
महाराष्ट्र सरकार ने 28 से 30 जनवरी तक तीन दिनों के राजकीय शोक की घोषणा की है। इस दौरान राष्ट्रीय ध्वज आधा झुका रहेगा। डीजीसीए ने हादसे के कारणों की उच्च स्तरीय जांच शुरू कर दी है।
अजित पवार जिन्हें उनके समर्थक प्यार से 'दादा' कहते थे, अपने बेबाक अंदाज और विकास कार्यों के लिए जाने जाते थे।
आठ बार बारामती से विधायक एवं एक बार बारामती से ही सांसद चुने गए अजीत पवार का जाना महाराष्ट्र के राजनीतिक इतिहास के एक बड़े स्तंभ का गिरना है।
उनकी पार्थिव देह को अंतिम दर्शन के लिए बारामती स्थित उसी विद्या प्रतिष्ठान में रखा गया है, जिसे खुद अजीत पवार की देखरेख में बनाया गया था। विद्या प्रतिष्ठा एक बड़ा शैक्षणिक संस्थान है।
अजीत पवार का विमान दुर्घटनाग्रस्त होने के बाद राजनीतिक हलकों में इस दुर्घटना को लेकर सियासत भी शुरू हो गई।
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने इस दुर्घटना में साजिश की गंध महसूस करते हुए सर्वोच्च न्यायालय की देखरेश में इसकी जांच की मांग की।
लेकिन अजीत पवार के चाचा एवं महाराष्ट्र के दिग्गज नेता शरद पवार ने स्पष्ट कर दिया है कि यह महज एक हादसा था। इस पर कोई राजनीति नहीं होनी चाहिए।
