यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Oct 23, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
विमानों को लगातार धमकियों के बाद 'एक्स' को मोदी सरकार की फटकार, कहा- अपराध को बढ़ावा देने का हो रहा काम
Bomb threat to planes विमानों को पिछले दिनों 100 से ज्यादा बार धमकियां मिली हैं। विमानों को मिली बम से ...और पढ़ें

एजेंसी, नई दिल्ली। Bomb threat to planes विभिन्न एयरलाइन्स के विमानों को पिछले दिनों 100 से ज्यादा बार धमकियां मिली हैं। विमानों को मिली बम से उड़ाने की धमकियों के बीच केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स और आईटी मंत्रालय ने आज सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (पूर्व में ट्विटर) को फटकार लगाई है। सभी धमकियां एक्स के ही माध्यम से दी गई थी।
एक्स को फटकार
संयुक्त सचिव संकेत एस भोंडवे ने एयरलाइनों और एक्स तथा मेटा जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के प्रतिनिधियों के साथ आज एक वर्चुअल बैठक की। अधिकारी ने कहा कि अब ऐसी स्थिति बन गई है कि मानों एक्स ही इन अपराध को बढ़ावा दे रहा हो। उन्होंने इस तरह की खतरनाक अफवाहों को फैलने से रोकने के लिए उठाए गए कदमों के बारे में इन प्लैटफॉर्म के प्रतिनिधियों से भी सवाल किए।
एक हफ्ते में 30 फ्लाइट को मिली धमकी
बता दें कि पिछले कुछ दिनों में भारतीय एयरलाइनों की 120 से ज्यादा फ्लाइट्स को बम से उड़ाने की धमकियां मिली हैं। कल भी, इंडिगो, विस्तारा और एयर इंडिया द्वारा संचालित 30 उड़ानों को ऐसी धमकियां मिलीं। एयरलाइनों ने कहा कि उन्होंने मानक संचालन प्रक्रियाओं का पालन किया, अधिकारियों को सतर्क कर दिया गया और सुरक्षा प्रोटोकॉल का पालन किया गया।
यात्रियों की सुरक्षा से समझौता नहीं करेंगेः राममोहन
नागरिक उड्डयन मंत्री राममोहन नायडू ने कहा कि सरकार यात्रियों की सुरक्षा से समझौता किए बिना इस समस्या से निपटने की कोशिश कर रही है। उन्होंने कहा कि इस तरह की झूठी धमकियां देने वालों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी, जिसमें नो-फ्लाई सूची में डाला जाना भी शामिल है।
कानून में भी बदलाव को कोशिश
बता दें कि सरकार नागरिक उड्डयन सुरक्षा के विरुद्ध गैरकानूनी कार्यों के खिलाफ कानूनों को कड़ा करने की योजना बना रही है। वर्तमान में, विमानन सुरक्षा मानदंड मुख्य रूप से उड़ान के दौरान होने वाले अपराधों को कवर करते हैं।
मंत्री ने कहा कि हम कानून में संशोधन करने की कोशिश कर रहे हैं और कानूनी टीम ने इस पर काम किया है। उन्होंने कहा कि हमें अन्य मंत्रालयों के साथ भी परामर्श की आवश्यकता है, हम निश्चित रूप से अधिनियम में भी बदलाव करने के लिए आगे बढ़ रहे हैं।
यह पूछे जाने पर कि क्या धमकियों की बौछार के पीछे कोई साजिश हो सकती है, मंत्री ने कहा कि गहन जांच चल रही है, सब कुछ सामने आ जाएगा।
