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एक 'झूठ' और तबाह हो गया पाकिस्तान का भोलारी एयरबेस... एयर मार्शल नागेश कपूर ने किया ऑपरेशन सिंदूर पर खुलासा

Published: Thu, 20 Aug 2026 10:04 AM (IST)

ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भारतीय वायुसेना ने पाकिस्तान के भोलारी एयरबेस पर हमला किया, जिसमें एयर मार्शल नागेश कपूर ने मिशन की सफलता के लिए अपने चीफ से 'झूठ' बोला।

ऑपरेश सिंदूर के दौरान पाकिस्तान का भोलारी एयरबेस।

ऑपरेश सिंदूर के दौरान पाकिस्तान का भोलारी एयरबेस।

HighLights

  1. ऑपरेशन सिंदूर में भोलारी एयरबेस पर भारतीय वायुसेना का हमला।

  2. एयर मार्शल नागेश कपूर ने मिशन हेतु 'झूठ' बोला।

  3. सुखोई-30 MKI ने SAAB Erieye हैंगर को नष्ट किया।

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भारत पाकिस्तानी एयर बेस पर जबरदस्त हमले कर रहा था। हवाई हमलों की तीव्रता तेजी से बढ़ रही थी और एक अहम मिशन उड़ान भरने के लिए पूरी तरह तैयार था। ऐसे में 10 मई 2025 की सुबह अहम साउथ वेस्ट एयर कमांड (SWAC) की कमान संभालने वाले भारतीय वायु सेना के एयर मार्शल के सामने एक मुश्किल स्थिति थी।

चूंकि निशाना पाकिस्तान का भोलारी एयरबेस था, जो गांधीनगर से 520 किलोमीटर उत्तर में स्थित है और यहीं SWAC का मुख्यालय है। एयर मार्शल की कमान वाले फ्रंटलाइन बेस भुज, जैसलमेर, फलोदी, नलिया, जामनगर, जोधपुर, उत्तरलाई/बाड़मेर और पुणे में से किसी एक पर वायुसेना के पायलटों का एक ग्रुप अपने फाइटर जेट्स के कॉकपिट में बैठा था।

भोलारी को क्यों बनाना था निशाना?

भारतीय वायुसेना को भोलारी में एक हैंगर दिख रहा था और वह अलग-थलग था। वायुसेना को अच्छी तरह पता था कि उसके अंदर क्या है? स्वीडन में बना SAAB Erieye, जो पाकिस्तान एयर फोर्स का सबसे ताकतवर एयरबोर्न अर्ली वॉर्निंग एंड कंट्रोल एयरक्राफ्ट है।

तभी फोन की घंटी बजी। यह एयर चीफ का फोन था। क्या प्लान में कोई बदलाव हुआ था? क्या कॉकपिट में बैठे और उड़ान के लिए पूरी तरह तैयार पायलटों को मिशन से हटने के लिए कहा जाएगा? एयर मार्शल नागेश कपूर का रुख साफ था। ऐसा हो ही नहीं सकता था कि उनके पायलटों को अपना मिशन पूरा करने का मौका न मिले।

एयर मार्शल के सामने क्या मुश्किल थी?

एक पॉडकास्ट के दौरान एयर मार्शल कपूर ने कहा, "एक समय ऐसा भी था जब मुझे इस मिशन के लिए अपने चीफ से झूठ बोलना पड़ा था।" उन्होंने कहा, "मुझे उन्हें सच नहीं बताना पड़ा। मैं यह नहीं कहूंगा कि मैंने उनसे झूठ बोला, मैंने उन्हें बस सच नहीं बताया।"

वो आगे कहते हैं, "और यह बात मैं अच्छी तरह जानता था कि वह भी वही तस्वीर देख रहे थे जो मैं अपने ऑप्स रूम में देख रहा था। वह एयर हेडक्वार्टर्स ऑप्स सेंटर में बैठकर वही तस्वीर देख रहे थे। उन्होंने मुझसे पूछा कि उन एयरक्राफ्ट की क्या पोजिशन है? मैंने कहा कि सर वे अभी उड़ान भरने वाले हैं। मुझे पक्का पता था कि वे अगले 15 मिनट तक उड़ान नहीं भरने वाले थे। इसलिए समय के मामले में मैंने उससे झूठ बोला।"

लोड हो चुके थे हथियार

जेट्स में बैठे पायलटों ने अपनी पूरी जिंदगी इसी पल का इंतजार किया था। सालों की प्रैक्टिस का अब असल में कोई मतलब निकलने वाला था। हथियार लोड कर लिए गए थे। एयरक्राफ्ट में ईंधन भर दिया गया था। हर चेकलिस्ट को एक बार नहीं, बल्कि दोबारा चेक किया गया क्योंकि इस समय हुई एक छोटी सी गलती सिर्फ गलती नहीं होती बल्कि दीवार पर लिखा एक नाम बन जाती।

इस मिशन के लिए सुखोई-30 MKI विमान को चुना गया था और यह भारतीय वायु सेना का मुख्य विमान है। रूस में डिजाइन किए गए और भारत में बड़े पैमाने पर मॉडिफाई किए गए इस फाइटर जेट में ब्रह्मोस का एयर-लॉन्च वर्शन लगा हुआ था जो 300 किलोग्राम के वॉरहेड वाली मैक 3 एयर-टू-सरफेस मिसाइल है।

एयर मार्शल कपूर कहते हैं, "वायुसेना चीफ एयर चीफ मार्शल ए.पी. सिंह ने पूछा कि वे अभी कहां हैं? मैंने कहा कि हथियार लॉन्च करने में आधा घंटा लगेगा। मुझे पता था कि वे वहां नहीं पहुंचे थे लेकिन मुझे उन्हें जाने देना ही था। वे पायलट हथियारों को साथ लिए इतनी देर से इंतजार कर रहे थे। अगर मैं उन्हें जाने नहीं देता तो यह एक अपराध होता।"

फिर शुरू होता है मिशन

मिशन शुरू हो गया। सुखोई विमान लाइन में लगे और तेजी से रनवे पर दौड़ते हुए अपने लॉन्च जोन की ओर बढ़ गए। हथियारों को ठीक से सेट किया जा रहा था। एयर सर्च रडार पाकिस्तानी वायु सेना के लड़ाकू विमानों से होने वाले खतरों पर नजर रख रहे थे। अगर दुश्मन का रडार सिग्नल पकड़ में आता तो जेट के कॉकपिट में लगे रडार वॉर्निंग रिसीवर आवाज करने लगते।

उन्होंने कहा, "आखिरकार जब हथियार लॉन्च हुआ तो मैंने उनसे कहा कि सर सब चले गए सभी एयरक्राफ्ट वापस आ रहे हैं। उन्होंने मुझसे कहा कि जब वे लैंड करें तो मुझे बताना।" यह मिशन बहुत कामयाब रहा। 10 मई को भारतीय वायुसेना के हमलों में भोलारी के हैंगर पर किया गया हमला शायद सबसे अहम घटना थी।

सैटेलाइट तस्वीरों में हैंगर की छत पर एक बड़ा और टेढ़ा-मेढ़ा छेद दिख रहा था। हैंगर और रनवे के बीच के हिस्से (एप्रन) पर मलबा बिखरा हुआ था, जिससे पता चलता है कि हमले की जोरदार टक्कर से चीजें बाहर की तरफ उछली थीं। हमला बहुत सटीक था और सिर्फ एक ही इमारत पर हुआ था।

एयर मार्शल ने खोला झूठ का राज

उन्होंने कहा, "काफी समय बाद माननीय रक्षा मंत्री (राजनाथ सिंह) हमसे मिलने आए। हम सब साथ बैठकर लंच कर रहे थे और चीफ भी उसी टेबल पर मौजूद थे। तभी मैंने उनसे माननीय रक्षा मंत्री के सामने ही कहा, 'सर, मैंने आपसे झूठ बोला था।'" इस पर एयर चीफ मार्शल एपी सिंह ने एयर मार्शल कपूर की ओर देखा और मुस्कुराते हुए जवाब दिया, " हां मुझे पता है।"

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