जागरण ब्यूरो, नई दिल्ली। एयर इंडिया की त्रिची-दुबई फ्लाइट के साथ हुए दीवार टूटने के हादसे ने सरकार को विमानन सुरक्षा पर नए सिरे से विचार के लिए विवश कर दिया है। घटना के बाद नागरिक विमानन मंत्री सुरेश प्रभु ने एयर इंडिया समेत सभी एयरलाइनों के सुरक्षा संबंधी इंतजामों के थर्ड पार्टी आडिट के आदेश दिए हैं।गौरतलब है कि कल देर रात की घटना में त्रिची से दुबाई जा रही एयर इंडिया की फ्लाइट ने इतनी नीची उड़ान भरी कि विमान एयरपोर्ट की बाउंड्री वाल से टकराकर दुर्घटनाग्रस्त होते होते बचा था।

सौभाग्यवश केवल विमान के पहिए ही दीवार से टकराए जिससे दीवार टूट गई किंतु विमान को ज्यादा नुकसान नहीं हुआ। लेकिन नुकसान की आशंका में विमान की मुंबई में इमरजेंसी लैंडिंग करानी पड़ी। दोनो पायलटों को फिलहाल ड्यूटी से हटा दिया गया है। विमान को मामूली नुकसान हुआ है जिसे ठीक किया जा रहा है। लेकिन विमान के यात्रियों को दूसरे विमान से दुबई भेजना पड़ा।घटना पर विमानन मंत्री सुरेश प्रभु ने गहरी चिंता प्रकट की है। साथ ही एयर इंडिया के साथ-साथ अन्य सभी एयरलाइनों के विमानों के साथ सुरक्षा और प्रशिक्षण प्रणालियों की गहन थर्ड पार्टी आडिट के आदेश दिए हैं।

इससे पहले एयर इंडिया की नई दिल्ली-न्यूयार्क फ्लाइट की सभी प्रणालियां आकाश में फेल होने के बाद भी प्रभु ने एयर इंडिया समेत सभी एयरलाइनों की सुरक्षा व्यवस्था की पड़ताल करने के आदेश डीजीसीए को दिए थे। वह प्रक्रिया अभी चल ही रही है। लेकिन लगातार हो रही घटनाओं से विमानन मंत्रालय के साथ-साथ सरकार की चिंता बढ़ गई है।

खासकर यह देखते हुए कि अभी कुछ रोज पहले ही इंटरनेशनल सिविल एविएशन आर्गनाइजेशन (आइसीएओ) ने भारत की विमानन सुरक्षा रैंकिंग को नेपाल, बांग्लादेश, म्यांमार से भी नीचे गिराया है। जबकि अमेरिकी फेडरल एविएशन एडमिनिस्ट्रेशन (एफएए) की रिपोर्ट का इंतजार है, जिसकी टीम जुलाई में भारत आई थी। तब टीम ने डीजीसीए की कुछ पड़ताल प्रक्रियाओं और इंतजामों पर असंतोष जताया था। एफएए ने डीजीसीए को तीन महीने में सुधार का अल्टीमेटम दिया है। इस दौरान व्यवस्थाएं नहीं सुधरीं तो एफएए भी भारत की रैंकिंग घटा सकता है। यदि ऐसा होता है तो भारतीय एयरलाइनों को अमेरिकी आकाश में नई उड़ाने भरने की अनुमति तब तक नहीं मिलेगी जब तक कि अगले ऑडिट में रैंकिंग में सुधार नहीं हो जाता।
 

Posted By: Arti Yadav