नई दिल्ली [जागरण संवाददाता]। तिहाड़ जेल में 18 महीने तक रहने के बाद मंगलवार को हरियाणा के पूर्व गृह राज्य मंत्री गोपाल कांडा को अदालत से जमानत मिल गई। कांडा एयर होस्टेस गीतिका शर्मा आत्महत्या मामले में मुख्य आरोपी हैं। रोहिणी कोर्ट स्थित अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश यशवंत कुमार की अदालत ने पांच लाख रुपये के निजी मुचलके व पांच-पांच लाख रुपये के दो जमानती की शर्त पर उन्हें राहत प्रदान की।

इसके पूर्व दिल्ली हाई कोर्ट से हाल ही में मामले में सह आरोपी व एमडीएलआर कंपनी की वरिष्ठ प्रबंधक अरुणा चड्ढा को जमानत मिल चुकी है।

अदालत ने कांडा को दिल्ली नहीं छोड़ने व बिना अनुमति के देश से बाहर नहीं जाने की शर्त पर जमानत दी है। इसके अलावा उन्हें अपना पासपोर्ट भी जमा कराने का निर्देश दिया है। अब मामले की अगली सुनवाई 15 मार्च को होगी, उस दिन कांडा को अदालत में पेश होना पडे़गा। पांच अगस्त, 2012 को कांडा की एमडीएलआर कंपनी की एयर होस्टेस 23 वर्षीय गीतिका शर्मा ने अशोक विहार स्थित अपने घर में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी। उसने दो पेज के सुसाइड नोट में अपनी मौत के लिए गोपाल कांडा व अरुणा चड्ढा को जिम्मेदार बताया था।

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गीतिका की मां अनुराधा के बयान पर भारत नगर थाना पुलिस ने दोनों के खिलाफ मामला दर्ज किया था। मामला दर्ज होने के बाद कांडा को हरियाणा के गृह राज्यमंत्री पद से हाथ धोना पड़ा था। पुलिस ने अरुणा को 8 अगस्त व कांडा को 18 अगस्त 2012 को गिरफ्तार कर लिया था।