जयपुर (जेएनएन)। पाकिस्तान सीमा के पास राजस्थान स्‍थित जैसलमेर जिले के पोखरण फायरिंग रेंज में भारतीय वायुसेना के अब तक के सबसे बड़े युद्धाभ्यास ‘गगन शक्ति 2018’ में लड़ाकू विमानों के अचूक निशाने और धमाके देश की सैन्य ताकत का अहसास करा रहे हैं।

पहली बार महिला पायलट

पिछले एक सप्ताह से जारी यह युद्धाभ्‍यास 22 अप्रैल तक चलेगा। इस युद्धाभ्‍यास में पहली बार महिला फाइटर पायलट हिस्सा ले रही हैं। युद्धाभ्‍यास के दौरान स्वदेशी लड़ाकू विमान तेजस की पूरी स्कवाड्रन अपनी ताकत दिखा रही है।

कुल 1100 विमान ले रहे हिस्‍सा

इनके अतिरिक्त सुखाई-30, एमकेआई, मिग-21, मिग-29, मिग-27, जगुआर और मिराज, बड़े परिवहन विमान सी-17 ग्लोब मास्टर,सी-130 जे,सुपर हरक्यूलिस अआर अटैक हैलिकॉप्टर एमआई-35,एमआई-17वी 5, एमआई-17,एएलएच ध्रुव सहित कुल 1100 विमान हिस्सा ले रहे हैं। सैन्य प्रवक्ता से मिली जानकारी के अनुसार दिन और रात चल रहे इस युद्धाभ्‍यास में घातक दस्ते को हवा से दुश्मन के इलाके में उतारने एवं एयर टू एयर काउंटर अटैक में महारथ हासिल करने पर विशेष जोर दिया जा रहा है।

युद्धाभ्‍यास की थीम-

युद्धाभ्‍यास की पूरी थीम एयर सपोर्ट, नेटवर्क सेंट्रिक वॉरफेयर अटैक, सेना के दूसरे अन्य अंगों के साथ संयुक्त ऑपरेशन के आधार पर रखी गई है। सैन्य प्रवक्ता के अनुसार पिछले दो दिन से दुश्मन की धरती पर जाकर कब्जा करने की रणनीति के तहत वायुसैनिक युद्धाभ्‍यास में जुटे हैं। खास बात यह है कि इस एक्सरसाइज़ के दौरान वायुसेना में ही अपनी और दुश्मन की वायुसेना बनाई गई है। यानी रेड फोर्स, ब्लू फोर्स और व्हाइट फोर्स। ब्लू फोर्स भारत की है, जबकि रेड फोर्स दुश्मन की वायुसेना मानी गई है। व्हाइट फोर्स की भूमिका न्यूट्रल या रेफरी की है । अभ्यास में देश को भी अपने और दुश्मन के इलाके में बांटा गया है।

By Monika Minal