नई दिल्ली, एएनआइ। कोरोना की दूसरी लहर के मामले कम होने के बीच तीसरी लहर की भविष्यवाणी भी होने लगी है। दिल्ली स्थित एम्स के निदेशक रणदीप गुलेरिया ने शुक्रवार को कहा कि कोरोना वायरस महामारी की दूसरी लहर अभी खत्म नहीं हुई है और तीसरी लहर लोगों द्वारा कोविड -19 के उचित व्यवहार पर निर्भर करती है।

भारत की आजादी के 75 साल पूरे होने के उपलक्ष्य में 'आजादी का अमृत महोत्सव' पहल के तहत सीआइएसएफ द्वारा आयोजित रक्तदान शिविर के उद्घाटन समारोह में डॉ गुलेरिया ने कहा कि जब लोग कोविड -19 उचित व्यवहार का पालन करेंगे तो तीसरी लहर के मामले कम देखने को मिलेंगे। एएनआइ से बात करते हुए गुलेरिया ने बताया कि लोगों को यह समझना चाहिए कि भारत में अभी कोरोना महामरी की दूसरी लहर अभी खत्म नहीं हुई है। कोरोना के दौनिक मामलों की संख्या 40,000 से अधिक मिल रहे हैं। सभी लोगों को कोरोना के नियमों का पालन करना महत्वपूर्ण है। यदि नियमों का पालन किया जाता है तो देश में कोरोना की एक और लहर को आने से पहले ही रोका जा सकता है।

कोविड -19 महामारी की दूसरी लहर इस साल अप्रैल से शुरू हुई थी, जिसमें कोरोनो वायरस के मामले चार लाख के पार चले गए थे। हालांकि, मई में लहर के मामले कम होने लगी थी। तो वहीं कुछ विशेषज्ञों ने अगस्त-सितंबर के बाद तीसरी लहर की चेतावनी दी थी। कानपुर और हैदराबाद के आइआइटी ने भी अगस्त के मध्य में एक और प्रकोप या कोविड -19 की तीसरी लहर की भविष्यवाणी की थी, यह कहते हुए कि यह वायरस के प्रकार के आधार पर अक्टूबर में चरम पर हो सकता है।

चीन के वुहान शहर में पहली बार 2019 में कोरोना वायरस का पता चला था और तब से यह वायरस पूरी दुनिया में फैलता जा रहा हैं। डब्ल्यूएचओ को रिपोर्ट की गई 4,323,139 मौतों सहित संक्रमण के 204,644,849 पुष्ट मामले सामने आए हैं।

Edited By: Avinash Rai