नई दिल्ली, एएनआइ। कोरोना वैक्सीन को लेकर सभी आशंकाओं, अफवाहों और भ्रम को दूर करने के लिए दिल्ली स्थित एम्स के डॉयरेक्टर डॉ रणदीप गुलेरिया ने आज खुद कोरोना वैक्सीन की डोज ली है। देश भर में आज कोरोना के खिलाफ टीकाकरण की शुरुआत हो चुकी है। पीएम मोदी ने देश में वैक्सीनेशन कार्यक्रम की शुरुआत की। दिल्ली के एम्स में कोरोना वायरस का पहला टीका लगाया गया।

सबसे पहले दिल्ली एम्स के एक सैनिटेशन कर्मचारी को कोरोना का पहला टीका लगाया गया। इस दौरान एम्स के डायरेक्टर डॉक्टर रणदीप गुलेरिया ने भी वैक्सीन की डोज ली। डॉक्टर रणदीप गुलेरिया कोरोना वैक्सीन लेने वाले तीसरे व्यक्ति बने। डॉक्टर गुलेरिया ने केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉ. हर्षवर्धन की मौजूदगी में वैक्सीन लगवाई।

डॉक्टर गुलेरिया देश के टॉप चिकित्सा विशेषज्ञ हैं। डॉ. गुलेरिया ने वैक्सीन लगवाकर इससे जुड़ी सभी तरह की आशंकाओं को निराधार साबित कर दिया है।

टीका लगने के बाद बोले गुलेरिया

एम्स के निदेशक डॉ. रणदीप गुलेरिया ने कहा कि हमने दुनिया का सबसे बड़ा टीकाकरण कार्यक्रम शुरू किया है और हमें पूरा विश्वास है कि यह एक सुगम कार्यक्रम होगा और हम बहुत बड़ी संख्या में लोगों का टीकाकरण कर सकेंगे। यह अंत की शुरुआत है जहां तक ​​महामारी का संबंध है। उन्होंने कहा कि मैं सभी को आश्वस्त करना चाहता हूं कि टीका सुरक्षित है। यह प्रभावोत्पादक है। हमें बड़ी संख्या में लोगों का टीकाकरण करना है और इसलिए हम बहुत अधिक अस्थिर नहीं हो सकते हैं। हमें अपने शोधकर्ताओं, वैज्ञानिकों और नियामक अधिकारियों में विश्वास होना चाहिए।

AIIMS में लगी देश की पहली कोरोना वैक्सीन

दिल्ली स्थित एम्स से देश में टीकाकरण अभियान की शुरुआत की गई। देश में सबसे पहला टीका एम्स के सैनिटेशन डिपार्टमेंट के एक कर्मचारी मनीष कुमार को लगाया गया। इसके साथ ही मनीष कुमार कोरोना का वैक्सीन लेने वाले देश के पहले नागरिक बन गए हैं। 

वैक्सीन को लेकर हर सवालों का गुलेरिया ने दिया जवाब

एम्स के डायरेक्टर डॉक्टर गुलेरिया ने कोरोना वैक्सीन को लेकर उठ रहे सवालों के बीच उन सवालों को जवाए दिए हैं, जिसको लेकर लोगों के मन में भ्रम है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने कोरोना वैक्सीन को लेकर उठ रहे सवालों के बीच उनका जवाब देने के लिए तीन वीडियो जारी किए। 

डॉ. गुलेरिया ने कहा है कि शुरुआत में सभी लोगों को कोविड वैक्सीन नहीं लगाई जाएगी। उन्होंने कहा है कि सरकार ने रिस्क फैक्टर के हिसाब से टीकाकरण की प्राथमिकताएं तय की हैं। उन्होंने कहा कि पहले चरण में हेल्थ वर्कर्स और फ्रंटलाइन वर्कर्स को टीके लगाए जाएंगे।

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