10वीं पास वर्किंग प्रोफेशनल्स के लिए खुशखबरी, अब काम के साथ कर सकेंगे डिप्लोमा; AICTE ने दी मंजूरी
अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद (AICTE) ने 10वीं पास कामकाजी पेशेवरों के लिए एक बड़ी पहल की है, जिससे वे ...और पढ़ें

कामकाजी पेशेवरों के लिए AICTE का बड़ा फैसला (फाइल फोटो)
HighLights
AICTE ने 10वीं पास कामकाजी पेशेवरों को डिप्लोमा का मौका दिया।
अनुभव पर आधारित डिप्लोमा के दूसरे वर्ष में सीधा प्रवेश मिलेगा।
नौकरी के साथ पढ़ाई से करियर में तरक्की के नए रास्ते।
जागरण ब्यूरो, नई दिल्ली। यदि आप दसवीं पास करने के बाद इलेक्ट्रिकल, मैकेनिकल या फिर कांस्ट्रक्शन जैसे किसी क्षेत्र में बतौर हेल्पर काम कर रहे है, तो आपके लिए एक बड़ी खुशखबरी है। अब आप काम के साथ डिप्लोमा ले सकते हैं।
अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद ( एआइसीटीई ) ने ऐसे लोगों को अनुभव के आधार पर सीधे डिप्लोमा कोर्सों के पहले वर्ष में दाखिला देने का फैसला लिया है। वहीं इसके लिए वर्किंग प्रोफेशनल नाम से एक कैटेगरी भी तैयार की है। एआइसीटीई ने यह निर्देश आल इंडिया बोर्ड आफ टेक्नीशियन एजुकेशन ( एआइबी-टीई ) की पिछले दिनों हुई बैठक में लिए गए फैसले के बाद दिया है।
साथ ही सभी राज्यों से इस पर तुरंत अमल के निर्देश दिए है। राज्यों के तकनीकी शिक्षा निदेशकों को लिखे पत्र में कहा गया है कि वह दाखिले के लिए राज्य स्तर पर एक पारदर्शी व्यवस्था तैयार करें। जिसमें मेरिट व प्रवेश परीक्षा के आधार पर केंद्रीय काउंसलिंग के जरिए प्रवेश दिया जाएगा।
वहीं तकनीकी शिक्षण संस्थानों से संस्थान स्तर पर दाखिले के लिए कोई भी प्रवेश परीक्षा न कराने की हिदायत भी दी है। साथ ही यह सुनिश्चित करने को कहा है कि अपने अधिकार क्षेत्र के सभी एआइसीटीई स्वीकृत डिप्लोमा संस्थान, जिसमें पालिटेक्निक व विश्वविद्यालय शामिल है, में नए शैक्षणिक सत्र के प्रवेश दौरान इस नियमों का कड़ाई से पालन कराया जाए।
क्या होगी पात्रता और कहां मिलेगा प्रवेश?
इनमें दाखिले के लिए दसवीं पास मार्कशीट के साथ एक साल का अनुभव जरूरी होगा। वहीं अनुभव को प्रमाणित करने के लिए जिन संस्थान या एमएसएमई में काम कर रहे है वहां से एक प्रमाण पत्र हासिल करना होगा। साथ ही एक एनओसी भी देना होगा, कि उन्हें काम के साथ पढ़ाई करने में कोई आपत्ति नहीं है।
वहीं ऐसे लोगों को प्रवेश अपने आसपास के ही पालीटेक्निक या तकनीकी संस्थान में मिलेगा। ताकि वह आसानी से वीकेंड या शाम लगने वाली कक्षाओं में शामिल हो सके।
क्या होगा फायदा?
इस फैसले से उन लाखों कामकाजी लोगों को सीधा फायदा होगा जो दसवीं की पढ़ाई के बाद आर्थिक या किसी पारिवारिक कारण से सीधे नौकरी करने लगे। समय की कमी के कारण वह आगे की पढ़ाई नहीं कर पा रहे थे। ऐसे में अब वे बगैर नौकरी छोड़े, अपने फ्लेक्सिबल टाइमिंग यानी रात्रिकालीन या वीकेंड बैचों में कोई टेक्निकल डिप्लोमा पूरा कर सकेंगे। जिससे कंपनियों में उनके प्रमोशन और सरकारी नौकरियों के नए रास्ते खुलेंगे।
