नई दिल्ली। इंडियन पायलट गिल्ड [आइपीजी] की याचिका पर दिल्ली हाईकोर्ट गुरुवार को कोई फैसला सुना सकता है। कल कोर्ट ने इस संबंध में अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था। आइपीजी ने इस याचिका के द्वारा हाईकोर्ट की एकल बैंच के उस फैसले को चुनौती दी है जिसमें पायलटों की हड़ताल को अवैध करार दिया गया था। इस बीच, एयर इंडिया के पायलटों की हड़ताल को खत्म करने के मद्देनजर नागरिक विमानन मंत्री अजित सिंह ने कहा है कि उन्होंने अगले सप्ताह एयर इंडिया से जुड़ी सभी मान्यता प्राप्त यूनियनों को जस्टिस धर्माधिकारी कमेटी की रिपोर्ट पर बात करने के लिए बुलाया है। उम्मीद लगाई जा रही है कि इस दौरान होने वाले विचार-विमर्श में दोनों पक्षों में सुलह का कोई न कोई रास्ता निकल जाएगा।

एयर इंडिया के बीमार पायलटों की हड़ताल आज दसवें दिन भी जारी है। सरकार की तरफ से उम्मीद जताई जा रही है कि पायलटों की हड़ताल जल्द खत्म हो जाएगी। इस बीच, कल यह भी दावा किया गया कि हड़ताली पायलटों में से तीन काम पर लौट आए हैं जबकि पायलटों के संगठन ने इसे गलत करार दिया है। एयर इंडिया ने अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के लिए अपनी आपात योजना लागू कर दी है।

पायलटों की मांगें :-

-कमांडर बनाने की अवधि 10 साल से कम करके छह साल की जाए

-ड्रीमलाइनर विमानों को उड़ाने की ट्रेनिंग सिर्फ उन्हें ही दी जाए।

-उनके बर्खास्त साथियों और उनकी यूनियन की मान्यता को बहाल किया जाए।

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