नई दिल्ली, प्रेट्र। सुप्रीम कोर्ट ने अगस्ता वेस्टलैंड हेलीकाप्टर घोटाले में कथित ब्रिटिश बिचौलिये क्रिश्चियन मिशेल जेम्स की जमानत अर्जियों पर बुधवार को सीबीआइ और प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) से जवाब मांगा है।3,600 करोड़ रुपये के अगस्ता वेस्टलैंड के 12 वीवीआइपी हेलीकाप्टर घोटाले की खरीद मामले में अब अगली सुनवाई जुलाई में होगी। जस्टिस डीवाइ चंद्रचूड़, जस्टिस सूर्यकांत और न्यायमूर्ति पीएस नरसिम्हा ने दोनों जांच एजेंसियों को नोटिस जारी किया तथा चार हफ्तों में उनका जवाब मांगा।

सुनवाई के दौरान मिशेल की ओर से पेश हुए अधिवक्ता एजियो जोसेफ और एमएमएस विष्णु शंकर ने कहा कि मामला सीआरपीसी की धारा 436ए के तहत आता है और उसने कथित अपराध के लिए सजा की आधी अवधि हिरासत में काट ली है।

उन्होंने दलील दी कि भ्रष्टाचार रोकथाम अधिनियम की धारा 8 और 9 के तहत मिशेल के मामले में अधिकतम कैद की सजा पांच साल है और वह करीब चार साल जेल में रह चुका है। मिशेल के वकील ने कहा, 'भारत में, मैं साढ़े तीन साल और दुबई में 120 दिन हिरासत में रहा हूं।'

ईडी की ओर से पेश हुए अतिरिक्त सालीसिटर जनरल एसवी राजू ने कहा कि बहुत मुश्किल से जांच एजेंसी को उसकी हिरासत मिली और धारा 436ए ईडी की कार्यवाही पर लागू नहीं होगी। उन्होंने कहा कि मिशेल ब्रिटेन का नागरिक है और उसे दुबई से प्रत्यर्पित करा कर लाया गया था।

पीठ ने राजू से मिशेल के करीब चार साल जेल में काटने के पहलू पर अपने जवाब में विचार करने को कहा। मिशेल ने दिल्ली उच्च न्यायालय के 11 मार्च के उस आदेश को चुनौती दी है जिसमें उसकी जमानत अर्जी खारिज कर दी गई थी।

Edited By: Arun Kumar Singh