नई दिल्ली, एएनआइ। बच्चों के लिए कोरोना वैक्सीन सुरक्षित है। पांच साल से अधिक उम्र वाले बच्चों को इस महामारी से बचाव के लिए वैक्सीन की खुराक दी जानी चाहिए। अमेरिका के संक्रामक रोग विशेषज्ञ और यूएस यूनिवर्सिटी आफ मैरीलैंड (US University of Maryland) के डाक्टर फहीम यूनुस (Dr Faheem Younus) ने बच्चों के लिए वैक्सीन पर जोर दिया, साथ ही चेतावनी देते हुए कहा है कि कोरोना की तीसरी लहर में बच्चे अधिक संक्रमित हो रहे हैं।

डाक्टर फहीम ने कहा कि कोरोना महामारी की तीसरी लहर में बच्चे अधिक संक्रमित हो रहे हैं। बता दें कि यह वायरस बच्चों के लिए अधिक घातक नहीं बल्कि कुल संक्रमण दर अधिक होने के कारण ऐसा हो रहा। डॉक्टर फहीम ने आगे कहा कि डेल्टा से संक्रमित हुए लोग अब ओमिक्रोन से संक्रमित हो रहे हैं। जो लोग कोरोना के इस नए वैरिएंट से संक्रमित हो रहे हैं उनमें भविष्य में किसी अन्य प्रकार के वैरिएंट का सामना करने की इम्युनिटी नहीं होगी। उन्होंने ओमिक्रोन को बड़ा खतरा बताया और कहा कि अमेरिका में वैक्सीन की दोनों डोज और बूस्टर डोज लेने के बावजूद लोग कोरोना के नए वैरिएंट से संक्रमित हो रहे हैं। अमेरिका में कोरोना वैक्सीन भी सबसे ज्यादा तेजी से लगाई जा रही है लेकिन इसके बावजूद देश में हर दूसरा शख्स संक्रमित है।

संक्रमण से बचाव में मास्क की है अहम भूमिका - डाक्टर

डाक्टर स्वयं दो सप्ताह पहले ओमिक्रोन वैरिएंट की चपेट में आ गए थे। एएनआइ के साथ इंटरव्यू में उन्होंने इस नए वैरिएंट का सामना करने के व्यक्तिगत अनुभवों को शेयर किया। डाक्टर ने संक्रमण से बचाव में सबसे पहले मास्क की अहम भूमिका पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि उचित तरीके से मास्क पहनने पर संक्रमण से बचा जा सकता है। डाक्टर ने कहा, 'बीते दो सालों में मैं सैंकड़ों कोविड-19 के मरीजों से मिला लेकिन संक्रमण से बचा रहा क्योंकि पर्याप्त प्रोटेक्टिव साधनों से लैस था। लेकिन एक पारिवारिक समारोह में दो दिनों के लिए बगैर मास्क के चला गया। इसके तुरंत बाद कोरोना संक्रमण की चपेट में आ गया।' साथ ही उन्होंने कोरोना वैक्सीन के प्रभाव के बारे में भी बताया। डाक्टर फहीम ने कहा, 'मैं वैक्सीन के दोनों डोज लगवा चुका हूं साथ ही बूस्टर डोज भी ले ली है और इसलिए ही ओमिक्रोन संक्रमण से अब पूरी तरह स्वस्थ हूं।'

ऐसे किया अपना इलाज

डाक्टर फहीम ने संक्रमण के उपचार के दौरान मोनोक्लोनल एंटीबडीज या एंटीबायटिक या फिर रेम्डेसिविर (monoclonal antibodies, antibiotics, remdesivir) नहीं ली। डाक्टर ने बताया, 'मैंने केवल पैरासिटामोल, टायलेनोल (paracetamol, Tylenol, pain medication) का सेवन किया जो मेरे लिए सही साबित हुआ।' डाक्टर फहीम ने यह भी कहा कि हर किसी के पास बीमारियों का सामना करने के लिए अलग-अलग स्तर की शक्ति होती है और इसके अनुसार ही ध्यान रखने की जरूरत है।

Edited By: Monika Minal