जयपुर (जेएनएन)। जयपुर से 36 साल पहले लापता हुए गजानंद शर्मा पर पाकिस्तान की जेल में बिताए गए समय का इतना गहरा असर है कि वह परिवार के पास लौटने के सप्ताहभर बाद भी सामान्य नहीं हो पाए हैं। वह पत्‍‌नी को भी सही ढंग से पहचान नहीं पा रहे हैं। परिजन अब उन्हें किसी मनोचिकित्सक के पास ले जाने की तैयारी कर रहे हैं।

वह 36 वर्ष पहले लापता हो गए थे और इस वर्ष मई में परिजनों को पता चला था कि वह पाकिस्तान की जेल में बंद हैं। परिवार और सरकार के प्रयास से वह 14 अगस्त को अपने घर लौट तो आए, लेकिन अभी भी सामान्य नहीं हो पाए हैं। अपनी पत्‍‌नी तक को माताजी कह देते हैं। ज्यादातर समय वह अपने दोनों हाथों की उंगलियों पर कुछ गिनते रहते हैं। उन्हें अभी भी रोशनी पसंद नहीं आ रही है और न ही किसी से बात करना अच्छा लगता है। कभी नमाज पढ़ने के अंदाज में हाथ उठाते हैं तो बेहद गुस्से में आ जाते हैं।

परिजनों का कहना है कि सुबह छह बजे उठने से लेकर रात को सोने तक वह बस एक कमरे में लेटे रहते हैं। उनके चेहरे पर कान के पास एक कट का निशान जरूर है। पाकिस्तान में उनके साथ क्या हुआ, इस बारे में पूछो तो गुस्सा हो जाते हैं। कोई मिलने आता है तो भी उन्हें पसंद नहीं आता। उनके बेटे मुकेश का कहना है कि वह न तो यह बता पा रहे हैं कि इतने समय कहा और किस हाल में रहे और न अब यहां किसी को पहचान रहे हैं। ज्यादा बात करो तो लड़ने लगते है।

मुकेश ने कहा कि अब तक हम यह सोच रहे थे कि 10-15 दिन परिवार के साथ सामान्य वातावरण में रखेंगे तो शायद सामान्य हो जाएंगे, लेकिन ऐसा लग नहीं रहा है। ऐसे में अब जल्द ही किसी मनोचिकित्सक से संपर्क करेंगे। पत्‍‌नी मखनी देवी ही उनकी देखभाल करती हैं और वह इसी बात से संतुष्ट हैं कि पति कम से कम उनकी आखों के सामने तो हैं।

Posted By: Arti Yadav