नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने वकालत का लाइसेंस जारी करने के लिए अखिल भारतीय बार परीक्षा (एआइबीई) का मामला संविधान पीठ को सौंप दिया है। शीर्ष अदालत ने शुक्रवार को संविधान पीठ को विचार के लिए तीन मुद्दे सौंपे हैं।

मुख्य न्यायाधीश टीएस ठाकुर और जस्टिस आर भानुमति और जस्टिस यूयू ललित की तीन सदस्यीय पीठ ने कहा, 'आधिकारिक फैसला लेने का भार अब पांच सदस्यीय संविधान पीठ पर छोडि़ए।'

पहला सवाल : क्या बार काउंसिल ऑफ इंडिया (बीसीआइ) प्रशिक्षण नियम 1995 के अनुसार पेशे में नामदर्ज होने से पूर्व प्रशिक्षण निर्धारित कर सकता है? अधिवक्ता अधिनियम 1961 की धारा 24 (3) (डी) के तहत प्रशिक्षण नियम तैयार किए गए हैं।

दूसरा सवाल : नाम दर्ज होने के लिए बीसीआइ क्या नाम दर्ज होने के पूर्व शर्त की तरह परीक्षा को निर्धारित कर सकता है?

तीसरा सवाल : यदि दोनों सवालों का जवाब नकारात्मक हो तो क्या नाम दर्ज होने के बाद परीक्षा की वैधता निर्धारित की जा सकती है?

सवाल हैं जरूरी : पीठ ने कहा कि सवाल पर विचार जरूरी है और ये सभी एआइबीई को चुनौती से संबंधित हैं। न्यायाधीशों ने कहा, 'हमारा विचार है कि ये सवाल संविधान पीठ से उत्तर की मांग करते हैं। इसीलिए हम इसे वृहत्तर पीठ को हस्तांतरित करते हैं।'

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Posted By: Manish Negi

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