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'वैश्विक मंच पर अर्धनग्न प्रदर्शन खेदजनक', शिक्षाविदों ने युवा कांग्रेस के विरोध की कड़ी निंदा की

Published: Mon, 23 Feb 2026 04:00 AM (IST)

भारतीय युवा कांग्रेस के एआई समिट में अर्धनग्न विरोध प्रदर्शन की 100 से अधिक शिक्षाविदों ने कड़ी निंदा की है। ...और पढ़ें

कांग्रेसियों का अर्धनग्न प्रदर्शन खेदजनक, गलत सोच

कांग्रेसियों का अर्धनग्न प्रदर्शन खेदजनक, गलत सोच

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आईएएनएस, नई दिल्ली। भारतीय युवा कांग्रेस के प्रतिष्ठित एआई समिट स्थल पर बिना शर्ट के विरोध-प्रदर्शन करने की आलोचना की गई है। विद्वानों और शिक्षकों ने इस घटना पर कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि इस महत्वपूर्ण वैश्विक कार्यक्रम में व्यवधान न केवल खराब फैसला था, बल्कि राष्ट्रीय हितों के खिलाफ भी है।

एआई इम्पैक्ट समिट भारत की दुनिया को यह घोषणा थी कि भारत चौथी औद्योगिक क्रांति के युग में एक गंभीर और संप्रभु तकनीकी शक्ति के रूप में उभरा है और आइवाइसी का हालिया प्रदर्शन गंभीर रूप से खेदजनक और गलत सोच का परिणाम है।

प्रमुख शिक्षाविदों ने रविवार को संयुक्त बयान जारी कर भारतीय युवा कांग्रेस के सदस्यों के एआइ कार्यक्रम के खिलाफ विरोध करने के दुर्भाग्यपूर्ण और असंवेदनशील तरीके पर खेद प्रकट किया।

नुकसान पहुंचाने का प्रयास

100 से अधिक शिक्षाविदों के हस्ताक्षरित संयुक्त बयान में कहा गया कि वास्तव में भारत के आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) परिदृश्य में एक महत्वपूर्ण क्षण को चिह्नित करता है, जिसे नुकसान पहुंचाने का प्रयास किया गया।

उन्होंने बताया, ''स्टैनफोर्ड विश्वविद्यालय द्वारा प्रकाशित 2025 ग्लोबल एआई वाइब्रेंसी इंडेक्स के अनुसार भारत अब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस में वैश्विक स्तर पर तीसरे स्थान पर है (केवल अमेरिका और चीन के पीछे) जो अनुसंधान उत्पादन, प्रतिभा विकास और बुनियादी ढांचे में महत्वपूर्ण प्रगति को दर्शाता है। भारत इस शीर्ष स्तर में प्रवेश करने वाला पहला ग्लोबल साउथ देश है।''

एक अंतरराष्ट्रीय मंच को राजनीतिक प्रदर्शन बदलना

उन्होंने कहा कि यह न तो एक पक्षपाती मंच था और न ही घरेलू राजनीतिक प्रचार का स्थल। एक अंतरराष्ट्रीय मंच को राजनीतिक प्रदर्शन के अवसर में बदलना गंभीर निर्णय की कमी और वैध लोकतांत्रिक असहमति और वैश्विक मंच पर राष्ट्रीय प्रतिष्ठा की रक्षा के बीच अंतर करने में असमर्थता को दर्शाता है। ब

यान में कुमाऊं विश्वविद्यालय, राजस्थान तकनीकी विश्वविद्यालय के कुलपति, पेरियार विश्वविद्यालय, मणिपुर विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति और देशभर के विभिन्न संस्थानों के कई प्रोफेसर, सहायक प्रोफेसर और शोध छात्र शामिल हैं।

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