'भारत के साथ हुई बेहद मजबूत बैठक', दिल्ली में पीएम मोदी और पेजेश्कियान की मुलाकात पर बोले अराघची
ईरान ब्रिक्स के न्यू डेवलपमेंट बैंक (NDB) में शामिल होने के अपने प्रयासों को तेज कर रहा है, जिसकी जानकारी विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने दी।

ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची।
HighLights
ईरान ब्रिक्स NDB में शामिल होने के प्रयास तेज कर रहा है।
विदेश मंत्री अराघची ने सदस्यता के लिए समर्थन की बात कही।
स्थानीय मुद्राओं में व्यापार और मोदी-पेजेशकियान की बैठक हुई।
डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। भारत में आयोजित 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के दौरान ईरान की ओर से एक बड़ा कूटनीतिक बयान सामने आया है। ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने शनिवार को कहा कि उनका देश ब्रिक्स के ‘न्यू डेवलपमेंट बैंक’ (NDB) में शामिल होने की अपनी कोशिशों को तेजी से आगे बढ़ा रहा है।
18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के लिए नई दिल्ली में मौजूद अराघची ने पीएम मोदी के साथ ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान की मुलाकात को मजबूत बताया और ब्रिक्स सदस्यों और अन्य देशों के साथ ईरान की बढ़ती भागीदारी पर प्रकाश डाला।
कई देशों का मिल रहा समर्थन- अराघची
ईरानी विदेश मंत्री ने कहा कि इस दिशा में कई देशों का समर्थन मिल रहा है और ईरान सदस्यता के लिए जरूरी औपचारिकताओं और शर्तों को पूरा करने की प्रक्रिया में जुटा हुआ है। बता दें कि पिछले महीने ही ईरान के केंद्रीय बैंक के गवर्नर ने ईरान के NDB में शामिल होने के इस इरादे का एलान किया था।
स्थानीय और राष्ट्रीय मुद्राओं के इस्तेमाल पर चर्चा
अराघची ने यह भी बताया कि शुक्रवार को ब्रिक्स नेताओं के बीच आपसी व्यापार में डॉलर की बजाय अपनी स्थानीय और राष्ट्रीय मुद्राओं के इस्तेमाल को लेकर गंभीर चर्चा हुई।
उन्होंने कहा कि रूस के राष्ट्रपति पुतिन, भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान के बीच इस मुद्दे पर हुई बातचीत ने पूरी दुनिया का ध्यान खींचा है और मीडिया में भी इसकी खासी चर्चा रही है।
पीएम मोदी और राष्ट्रपति पेजेशकियान की द्विपक्षीय बैठक
गौरतलब है कि शनिवार को मुख्य शिखर सम्मेलन के साथ-साथ कई द्विपक्षीय बैठकें भी हुईं। ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान ने अपनी इस पहली भारत यात्रा के दौरान कई बड़े नेताओं से मुलाकात की।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति पेजेशकियान के बीच हुई बैठक को दोनों देशों के संबंधों के लिहाज से बेहद अहम माना जा रहा है। इससे पहले दोनों नेताओं की मुलाकात बिश्केक में एससीओ (SCO) सम्मेलन के दौरान हुई थी।
