AAP और गोवा फारवर्ड ने कांग्रेस-बीजेपी पर साधा निशाना, जनता को दिया इन पार्टियों से दूरी बनाने का संदेश
गोवा में अगले साल होने वाले चुनावों के लिए आम आदमी पार्टी और गोवा फॉरवर्ड पार्टी एक साझा पोस्टर के ...और पढ़ें
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HighLights
AAP और गोवा फॉरवर्ड पार्टी तीसरे विकल्प पर जोर दे रहे हैं।
दोनों दल बीजेपी-कांग्रेस से दूरी बनाने का संदेश दे रहे हैं।
दक्षिण गोवा में AAP और GFP की मजबूत चुनावी उपस्थिति है।
डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली/पणजी। गोवा में अगले साल के फरवरी में होने वाले चुनावों के लिए आम आदमी पार्टी मैदान में उतरने की तैयारी कर रही है। आप और गोवा फॉरवर्ड पार्टी की ओर से लगाए गए एक साझा पोस्टर ने राज्य की चुनावी राजनीति में तीसरे विकल्प को लेकर चर्चा बढ़ा दी है। पोस्टर पर लिखा है, Congress & BJP cheated you twice. Don’t let them cheat you the 3rd time, यानी कांग्रेस और बीजेपी ने गोवा की जनता को दो बार ठगा, अब तीसरी बार उन्हें ऐसा मत करने देना।
गोवा की सड़कों पर दिखाई दे रहा यह पोस्टर नई राजनीतिक लाइन खींचने की कोशिश है। संदेश सीधा है, गोवा को हर बार बीजेपी और कांग्रेस के बीच चुनाव करने के लिए मजबूर क्यों किया जाए? क्या गोवा की जनता के पास अपना मजबूत, स्थानीय और गैर-बीजेपी, गैर-कांग्रेस विकल्प नहीं हो सकता? आप और गोवा फॉरवर्ड पार्टी इसी सवाल को राजनीतिक ताकत में बदलने की कोशिश कर रहे हैं।
गोवा में लंबे समय से चुनावी मुकाबला मुख्य रूप से बीजेपी और कांग्रेस के बीच रहा है। हालांकि पिछले कुछ चुनावों में क्षेत्रीय दलों और आम आदमी पार्टी जैसे नए राजनीतिक खिलाड़ियों ने इस समीकरण को प्रभावित किया है। 2022 के विधानसभा चुनाव में AAP ने दो सीटों पर जीत दर्ज की थी और उसका वोट शेयर करीब 6.77 प्रतिशत रहा था। वर्तमान विधानसभा में भी पार्टी के दो विधायक हैं। बेनाउलिम से वेन्जी वीगास और वेलिम से क्रूज सिल्वा AAP का प्रतिनिधित्व करते हैं, जबकि गोवा फॉरवर्ड पार्टी के अध्यक्ष विजय सरदेसाई फतोर्डा से विधायक हैं।
संभावित AAP और गोवा फारवर्ड पार्टी समीकरण का एक महत्वपूर्ण पहलू दक्षिण गोवा है, जहां इन दोनों दलों की विधानसभा में मौजूदगी है। AAP के दोनों मौजूदा विधायक दक्षिण गोवा से हैं और विजय सरदेसाई भी दक्षिण गोवा की फतोर्डा सीट का प्रतिनिधित्व करते हैं। इसके साथ ही AAP उत्तर गोवा में भी अपना संगठनात्मक आधार बढ़ाने की कोशिश कर रही है।
AAP और गोवा फॉरवर्ड पार्टी की राजनीति का एक अहम हिस्सा बीजेपी और कांग्रेस दोनों से दूरी बनाए रखना है। AAP की ओर से बीजेपी सरकार की नीतियों को लेकर रोजगार, पर्यावरण, जमीन और स्थानीय हितों जैसे मुद्दे उठाए जाते रहे हैं, जबकि कांग्रेस भी BJP के खिलाफ अपना राजनीतिक आधार मजबूत करने की कोशिश कर रही है। ऐसे में तीसरे राजनीतिक विकल्प की सक्रियता विपक्षी वोटों के समीकरण को प्रभावित कर सकती है।
हाल के दिनों में AAP और GFP के बीच संभावित तीसरे मोर्चे को लेकर बातचीत की खबरों के साथ गोवा फर्स्ट जैसे व्यापक राजनीतिक सहयोग की चर्चाएं भी सामने आई हैं। यदि दोनों दल चुनाव से पहले सीटों के तालमेल और साझा कार्यक्रम पर सहमति बनाते हैं, तो गोवा का चुनावी मुकाबला बीजेपी और कांग्रेस के पारंपरिक द्विध्रुवीय मुकाबले से आगे बढ़कर बहुकोणीय हो सकता है।
आम आदमी पार्टी और गोवा फॉरवर्ड पार्टी के बीच बढ़ता राजनीतिक तालमेल इस बार के चुनाव में बीजेपी बनाम कांग्रेस से अलग तीसरे विकल्प को एक महत्वपूर्ण चुनावी मुद्दा बना सकता है।
