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केरलम से कर्नाटक तक हो रही बारिश, फिर अक्टूबर में क्यों तप रही मुंबई? पारा 35 डिग्री के पार

Published: Thu, 15 Oct 2026 11:37 PM (IST)

दक्षिण-पश्चिम मानसून ने पूरे देश से विदा ले ली है, जबकि दक्षिण भारत में पूर्वोत्तर मानसून की बारिश शुरू हो गई है।

दक्षिण-पश्चिम मानसून की विदाई

दक्षिण-पश्चिम मानसून की विदाई

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डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। दक्षिण-पश्चिम मानसून गुरुवार को पूरे देश से विदा हो गया। इसी दिन दक्षिण भारत के कुछ हिस्सों में पूर्वोत्तर मानसून की बारिश भी शुरू हो गई।

मौसम विभाग के अनुसार, तमिलनाडु, पुडुचेरी, कराईकल, तटीय आंध्र प्रदेश, रायलसीमा, दक्षिण आंतरिक कर्नाटक, केरल और माहे में पूर्वोत्तर मानसून की गतिविधियां दर्ज की गईं। 21 अक्टूबर तक दक्षिण भारत के कई हिस्सों में बारिश का दौर जारी रहने और कुछ स्थानों पर भारी बारिश होने की संभावना है।

अलनीनो से मौसम पर डालेगा असर

भारत में दक्षिण-पश्चिम मानसून सामान्यतः जून से सितंबर तक सक्रिय रहता है और खरीफ फसलों के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। वहीं, पूर्वोत्तर मानसून अक्टूबर से दिसंबर के बीच दक्षिण भारत के कई क्षेत्रों में बारिश लाता है और रबी फसलों के लिए उपयोगी होता है।

मौसम विभाग के अनुसार, इस साल दक्षिण-पश्चिम मानसून के दौरान देश में 759.4 मिलीमीटर बारिश हुई, जो 868.6 मिलीमीटर के सामान्य औसत से 12.6 प्रतिशत कम है। मौसम विशेषज्ञों ने बारिश में कमी के प्रमुख कारणों में प्रशांत महासागर में विकसित हो रही अल नीनो को शामिल किया है।

विश्व मौसम विज्ञान संगठन सहित वैश्विक एजेंसियों का अनुमान है कि अल नीनो दिसंबर 2026 में चरम पर पहुंच सकता है और फरवरी 2027 तक बना रह सकता है। इससे वैश्विक तापमान और मानसूनी बारिश प्रभावित होने की आशंका है। 

अक्टूबर में तप रहा मुंबई, पारा 35 डिग्री के पार

देश के कई हिस्सों में हल्की ठंड महसूस होने लगी है, लेकिन मुंबई अक्टूबर में भी तप रहा है। कई इलाकों में तापमान 35 डिग्री सेल्सियस के आसपास है। मौसम विभाग ने मुंबई में 16 अक्टूबर को हीटवेव का येलो अलर्ट जारी किया है।

मौसम विज्ञानियों ने गुरुवार को बताया कि दिन में समुद्री हवा देर से चलने और गुजरात तथा दक्षिण-पश्चिमी मध्य प्रदेश के ऊपर एंटी-साइक्लोनिक सर्कुलेशन के कारण मुंबई समेत महाराष्ट्र में तापमान बढ़ रहा है।

अधिक तापमान की क्या है वजह?

मौसम विज्ञानी महेश पलावत ने कहा, दक्षिण-पश्चिमी मध्य प्रदेश और गुजरात के ऊपर एंटी-साइक्लोनिक सर्कुलेशन है। इस स्थिति में हवा धीमी पड़ जाती है और तापमान बढ़ता है। बारिश नहीं होने से जमीन सूखी है। गुजरात व मध्य प्रदेश से गर्म, शुष्क हवाएं महाराष्ट्र की ओर आ रही हैं।

समुद्री हवा भी देर से चल रही है। मुंबई में आमतौर पर समुद्री हवा दोपहर 12 बजे चलने लगती है, लेकिन अब समुद्री हवा दोपहर दो-तीन बजे के आसपास चल रही है। इससे गर्मी अधिक महसूस हो रही है। हालांकि पलावत ने उम्मीद जताई है कि अगले सप्ताह गर्मी से कुछ राहत मिल सकती है।

(न्यूज एजेंसी पीटीआई के इनपुट के साथ)