हवाई सुरक्षा की दिशा में बड़ा कदम, AAIB का सुझाव- उड़ान प्रशिक्षण संगठनों के लिए एक जैसा होगा सिलेबस
विमानन जांच एजेंसी एयरक्राफ्ट एक्सिडेंट इंवेस्टीगेशन ब्यूरो (एएआइबी) ने सुझाव दिया है कि विमानन नियामक डीजीसीए को सभी उड़ान प्रशिक्षण ...और पढ़ें

एएआईबी ने उड़ान प्रशिक्षण संगठनों के लिए मानक पाठ्यक्रम अपनाने का सुझाव दिया (सांकेतिक तस्वीर)
HighLights
कहा, उड़ान शुरू होने से पहले प्रशिक्षु पायलटों के पूरे हों सभी जरूरी अभ्यास
2024 में गुना एयरफील्ड पर दुर्घटना की अंतिम रिपोर्ट का हिस्सा हैं ये सुझाव
पीटीआई, नई दिल्ली। विमानन जांच एजेंसी एयरक्राफ्ट एक्सिडेंट इंवेस्टीगेशन ब्यूरो (एएआइबी) ने सुझाव दिया है कि विमानन नियामक डीजीसीए को सभी उड़ान प्रशिक्षण संगठनों (एफटीओ) से लाइसेंस श्रेणी के आधार पर मानकीकृत प्रशिक्षण पाठ्यक्रम अपनाने के लिए कहना चाहिए।
साथ ही यह भी सुनिश्चित करना चाहिए कि प्रशिक्षु पायलट अकेले उड़ान शुरू करने से पहले सभी जरूरी अभ्यास कर लें और आपातकालीन प्रक्रियाओं का भी अच्छा अभ्यास कर लें।
ये सुझाव जांच एजेंसी की उस 61-पेज की अंतिम रिपोर्ट का हिस्सा हैं, जो छह मार्च, 2024 को मध्य प्रदेश के गुना एयरफील्ड पर लैंडिंग के दौरान चाइम्स एविएशन एकेडमी के चार-सीटर सेसना 172एस ट्रेनर एयरक्राफ्ट के क्रैश होने के मामले में तैयार की गई थी।
विमान उड़ा रहे प्रशिक्षु पायलट को मामूली चोटें आईं। 29 सितंबर की रिपोर्ट में एएआइबी ने कहा कि यह हादसा तब हुआ जब प्रशिक्षु पायलट एयरक्राफ्ट को रनवे के अंदर नहीं रोक पाया।
इसके बाद जब 'गो-अराउंड' (लैंडिंग रद करके दोबारा उड़ान भरने) की कोशिश की गई, तो प्लेन रनवे से आगे निकल गया और ढलान पर एक पेड़ से टकरा गया, जिससे एयरक्राफ्ट को नुकसान पहुंचा।
अनस्टेबल अप्रोच (लैंडिंग के लिए सही स्थिति न होना), गो-अराउंड शुरू करने का देर से लिया गया फैसला और बहुत देर तक 'फ्लेयर' (लैंडिंग से ठीक पहले प्लेन का अगला हिस्सा ऊपर उठाना) के बावजूद एयर ट्रैफिक कंट्रोलर से समय पर बातचीत न होना इस हादसे की वजहों में शामिल हैं।
गुना एयरफील्ड एक 'अनकंट्रोल्ड एयरफील्ड' है, जबकि फ्लाइट कोआर्डिनेशन के लिए शा शिब एविएशन एकेडमी ने एयर ट्रैफिक कंट्रोल टावर बनाया है।
