यह एक आर्काइव लेख है, जिसे May 15, 2021 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
टीका के लिए एक मात्र आधार नहीं हो सकता 'आधार', कोरोना महामारी के चलते यूआइडीएआइ ने दी चेतावनी
अगर आपके पास आधार कार्ड नहीं है तब भी टीका लगवाने दवा खरीदने अस्पताल में भर्ती होने या जरूरी इलाज ...और पढ़ें

नई दिल्ली, प्रेट्र। अगर आपके पास आधार कार्ड नहीं है तब भी टीका लगवाने, आवश्यक दवा खरीदने, अस्पताल में भर्ती होने या जरूरी इलाज को लेकर चिंता करने की जरूरत नहीं है। भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण यानी यूआइडीएआइ ने शनिवार को स्पष्ट किया कि आधार के अभाव में किसी को टीका लगाने या आवश्यक सेवाएं मुहैया कराने से इन्कार नहीं किया जा सकता।
आधार कार्ड नहीं होने पर कोरोना मरीजों को अस्पताल में भर्ती नहीं किया जा रहा
कोरोना महामारी की दूसरी लहर से जूझ रहे देशवासियों के लिए यह बयान बहुत अहम है। ऐसी खबरें सामने आ रही हैं कि आधार कार्ड नहीं होने पर कोरोना के मरीजों को अस्पताल में भर्ती नहीं किया जा रहा है और उन्हें आवश्यक सेवाएं नहीं दी जा रही हैं।
यूआइडीएआइ ने कहा- आधार के अभाव में टीका लगाने से इन्कार नहीं किया जा सकता
यूआइडीएआइ ने कहा कि आधार के इस्तेमाल को लेकर स्थापित व्यवस्था है। इसका पूरी तरह से पालन किया जाना चाहिए। प्राधिकरण ने आधार का दुरुपयोग को लेकर भी चेतावनी दी और कहा कि इसके अभाव में किसी को भी टीका लगाने या आवश्यक सेवाएं देने से मना नहीं किया जाना चाहिए।
प्राधिकरण ने कहा- आधार के अभाव में आवश्यक सेवाओं से वंचित नहीं किया जा सकता
प्राधिकरण ने कहा कि अगर किसी भी कारण से लोगों के पास आधार नहीं है तो आधार अधिनियम के मुताबिक उन्हें आवश्यक सेवाओं से वंचित नहीं किया जा सकता। आधार नहीं होने या आधार का ऑनलाइन सत्यापन नहीं होने पर भी संबंधित विभाग या एजेंसी को सेवाएं देनी पड़ेंगी।
यूआइडीएआइ ने कहा- आधार का मकसद सेवाओं में पारदर्शिता लाना और जवाबदेही तय करना
यूआइडीएआइ ने यह भी कहा कि अगर आधार नहीं होने पर किसी को आवश्यक सेवाएं देने से इन्कार किया जाता है तो उसे उस विभाग के वरिष्ठ अधिकारी से इसकी शिकायत करनी चाहिए। आधार का मकसद सरकारी सेवाएं मुहैया कराने में पारदर्शिता लाना और जवाबदेही तय करना है।
