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मध्य प्रदेश के नगरीय निकायों में बड़ा घोटाला: 1134 करोड़ की खरीद पर 250 करोड़ का घोटाला, ऐसे खुली पोल

Published: Sun, 25 Oct 2026 02:15 AM (IST)

200 एलईडी लाइट्स की खरीदी का रेट 60 लाख रुपये तक पहुंचा दिया गया। पांच रुपये प्रति लीटर मिलने वाले ...और पढ़ें

मध्य प्रदेश के नगरीय निकायों में 1134 करोड़ की खरीद पर 250 करोड़ का घोटाला

मध्य प्रदेश के नगरीय निकायों में 1134 करोड़ की खरीद पर 250 करोड़ का घोटाला

HighLights

  1. पिछले तीन वर्षों के दौरान जेम पोर्टल के माध्यम से की गई खरीद में सामने आई गड़बड़ी

  2. 60 लाख रुपये में खरीदी गई 200 एलईडी लाइट्स, हर जगह हुआ भ्रष्टाचार, जांच जारी

जेएनएन, भोपाल। मध्य प्रदेश के नगरीय निकायों में सरकारी खरीदी में करोड़ों रुपये की वित्तीय अनियमितताओं का मामला सामने आया है। यह पूरी धांधली पिछले तीन वर्षों (वर्ष 2023 से 2026) के दौरान जेम पोर्टल के माध्यम से की गई खरीदी में सामने आई है।

विभाग द्वारा कराए गए विशेष ऑडिट और डेटा विश्लेषण के अनुसार, इन तीन वर्षों में कुल 1,134 करोड़ रुपये की सरकारी खरीद की गई थी। इसमें 250 करोड़ रुपये का घोटाला किया गया। यदि यह खरीद औसत और सही बाजार दरों पर की जाती, तो कम से कम 250 करोड़ रुपये बचाए जा सकते थे।

नगरीय विकास एवं आवास विभाग के अपर मुख्य सचिव (एसीएस) संजय दुबे ने स्वयं इस भ्रष्टाचार का राजफाश किया है। विभागीय समीक्षा बैठक में एसीएस दुबे और एमपीएसईडीसी के एडिशनल एमडी अंशुमान राज के प्रस्तुतीकरण में सामने आए इन हैरान करने वाले तथ्यों ने सरकार के जेम पोर्टल का राजफाश किया।

अंशुमान ने एसडीएम रहते ऐसी गड़बड़ी पकड़ी थी, जब प्रदेश भर का डेटा जांचा गया तो यह बड़ी गड़बड़ी सामने आई। गड़बड़ी में एक निकाय ने जो कचरा वाहन दो लाख में खरीदा, दूसरे निकाय ने कुछ अतिरिक्त सामान के नाम पर वही वाहन छह लाख में खरीद डाला।

कई छोटे निकायों ने जरूरत न होने पर भी डेढ़-डेढ़ करोड़ रुपये के कचरा वाहन खरीद लिए। जो एलईडी लाइट 306 रुपये में मिलनी चाहिए थी, उसे अलग-अलग निकायों ने 11,800 रुपये तक की अत्यधिक ऊंची दरों पर खरीदा।

200 एलईडी लाइट्स की खरीदी का रेट 60 लाख रुपये तक पहुंचा दिया गया। पांच रुपये प्रति लीटर मिलने वाले केमिकल को कुछ जगहों पर भारी भ्रष्टाचार कर 33,500 प्रति लीटर तक की दर पर कागजों में खरीदा दर्शाया गया।

हद तो तब हो गई जब पांच रुपये प्रति लीटर मिलने वाले केमिकल को कुछ जगहों पर भारी भ्रष्टाचार कर 33,500 प्रति लीटर तक की दर पर कागजों में खरीदा दर्शाया गया।

138 अधिकारियों और कर्मचारियों पर की कार्रवाई मामले में सरकार ने 138 अधिकारियों और कर्मचारियों पर कड़ी कार्रवाई की है।

वित्तीय अनियमितताओं एवं पदीय लापरवाही पर सात अधिकारी सेवा से पदच्युत, 76 की वेतनवृद्धि रोकी गई तथा 80 ठेकेदार/ फर्में ब्लैकलिस्ट की गई हैं। इधर, विभाग की राज्यमंत्री प्रतिमा बागरी का कहना है कि इसकी उच्च स्तरीय जांच कराकर कार्रवाई की जाएगी।