यह एक आर्काइव लेख है, जिसे May 12, 2014 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
आखिरी चरण में भी दिखा मतदाताओं का जोश
लोकसभा चुनाव के अंतर्गत सोमवार को अंतिम चरण का मतदान आशंका के अनुरूप पश्चिम बंगाल में रक्तरंजित रहा। पथराव, गोलीबारी ...और पढ़ें

नई दिल्ली, जागरण न्यूज नेटवर्क। लोकसभा चुनाव के अंतर्गत सोमवार को अंतिम चरण का मतदान आशंका के अनुरूप पश्चिम बंगाल में रक्तरंजित रहा। पथराव, गोलीबारी और बमबाजी की घटनाओं में 60 से ज्यादा लोग घायल हुए। वहां की 17 सीटों पर वोटिंग हमेशा की तरह बंपर रही। उत्तर प्रदेश की 18 और बिहार की छह सीटों पर छिटपुट घटनाओं के बीच उत्साहजनक मतदान हुआ। नरेंद्र मोदी की उम्मीदवारी वाली वाराणसी सीट पर करीब 56 प्रतिशत मत पड़े, जो 2009 के चुनाव प्रतिशत के 13 प्रतिशत ज्यादा हैं। तीनों प्रदेशों की 41 सीटों पर गर्मी का असर मतदान के उत्साह को प्रभावित नहीं कर पाया।
सूरज की तपिश की परवाह किए बिना पूर्वी उत्तर प्रदेश की 18 सीटों पर 55.29 फीसद लोगों ने जाति से ऊपर उठकर मतदान किया। सबसे ज्यादा 60 फीसद मतदान महराजगंज सीट पर हुआ। जौनपुर में दो दलों के बीच जहां हवाई फायरिंग हुई वहीं बलिया में एक आदमी का सिर फूट गया। वाराणसी से भाजपा प्रत्याशी नरेंद्र मोदी, आप प्रत्याशी अरविंद केजरीवाल, आजमगढ़ से सपा मुखिया मुलायम सिंह यादव का भविष्य वोटिंग मशीन में दर्ज हो गया।
पूर्वाचल में जमकर हुई वोटिंग
सूरज की तपिश की परवाह किए बिना पूर्वी उत्तर प्रदेश की 18 सीटों पर 55.29 फीसद लोगों ने जाति-पांत से ऊपर उठकर मताधिकार का प्रयोग किया। सबसे ज्यादा 56 फीसद मतदान वाराणसी व जौनपुर सीटों पर जबकि सबसे कम बलिया संसदीय क्षेत्र में हुआ। जौनपुर में दो दलों के बीच जहां हवाई फायरिंग हुई वहीं बलिया में हुए झगड़े में एक आदमी का सिर फूट गया। वाराणसी से भाजपा प्रत्याशी नरेंद्र मोदी, आप प्रत्याशी अरविंद केजरीवाल व आजमगढ़ से सपा मुखिया मुलायम सिंह यादव का राजनीतिक भविष्य वोटिंग मशीन में दर्ज हो गया।
अजय राय के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज
आचार संहिता उल्लंघन के मामले में वाराणसी से कांग्रेस प्रत्याशी विधायक अजय राय और सगड़ी (आजमगढ़) के विधायक अभय नारायण पटेल के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है। अजय के वस्त्र पर उनका चुनाव चिह्न चस्पा था। उन्होंने वही वस्त्र पहने हुए मतदान किया था।
हिंसा का आरोप सत्ताधारी तृणमूल पर
बंगाल में शनिवार की शाम से शुरू हुई हिंसा ने सोमवार को 17 सीटों पर चल रहे मतदान के दौरान और विकराल रूप धारण कर लिया। इन घटनाओं में 60 से अधिक लोग जख्मी हुए हैं। इनमें दो महिलाओं समेत चार माकपा समर्थक को गोली लगी है। ज्यादातर हमलों का आरोप सत्ताधारी तृणमूल कांग्रेस पर लगा है। हिंसा के बीच करीब 80 फीसद मतदान होने की खबर है। सर्वाधिक मतदान तमलुक सीट पर 86.38 फीसद हुआ।
बिहार में छिटपुट हिंसा के बीच मतदान
बिहार की छह सीटों पर भी छिटपुट हिंसा के बीच करीब 56.67 फीसद मतदान की खबर है, जो 2009 में इन्हीं सीटों पर हुए मतदान से करीब 12 फीसद ज्यादा है। इस बार सर्वाधिक 60 फीसद मतदान पश्चिम चंपारण सीट पर हुआ। प्रमुख लोगों में शामिल पूर्व केंद्रीय मंत्री रघुवंश प्रसाद सिंह राजद की टिकट पर वैशाली सीट से मैदान में हैं। उनके इलाके के साहेबगंज में भिन्न दलों के कार्यकर्ताओं के टकराव को टालने के लिए सुरक्षा बलों को दो राउंड गोलियां चलानी पड़ीं।
दिग्गजों ने डाले वोट
कोलकाता में सीपीआइ (एम) नेता वृंदा करात, वाराणसी में मुरली मनोहर जोशी, बिहार में सिवान से राजद की उम्मीदवार हीना शहाब, बिहार के बेतिया से बीजेपी उम्मीदवार संजय जयसवाल, टीएमसी नेता डेरिक ओब्रायन, गोरखपुर में योगी आदित्यनाथ ने वोट डाल दिया है।
ईवीएम में कैद उम्मीदवारों का भाग्य उत्तर प्रदेश की 18, बिहार की छह और पश्चिम बंगाल की 17 संसदीय सीटों पर करीब सात करोड़ मतदाता कुल 606 उम्मीदवारों की किस्मत इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) में कैद कर दिया। भाजपा के प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार नरेंद्र मोदी की वजह से वाराणसी का सियासी पारा काफी चढ़ हुआ है, इसलिए यहां सुरक्षा के तगड़े इंतजाम किए गए थे।
आम आदमी पार्टी के संयोजक अरविंद केजरीवाल और कांग्रेस के अजय राय वाराणसी में नरेंद्र मोदी के खिलाफ ताल ठोंकी है। सभी दलों के दिग्गजों ने यहां प्रचार के दौरान अपनी पूरी ताकत झोंक दी। इस वजह से देश के साथ-साथ पूरी दुनिया की निगाहें काशी पर टिक गई थी। सपा मुखिया मुलायम सिंह यादव आजमगढ़ से मैदान में हैं।
इनके अलावा केंद्रीय गृह राज्यमंत्री आरपीएन सिंह, रेल राज्यमंत्री अधीर रंजन चौधरी, पूर्व केंद्रीय मंत्री रघुवंश प्रसाद सिंह, फिल्म निर्देशक प्रकाश झा, कांग्रेस से भाजपा में आए जगदंबिका पाल, भोजपुरी अभिनेता व कांग्रेस प्रत्याशी रवि किशन, कौमी एकता दल के टिकट पर मुख्तार अंसारी और माकपा उम्मीदवार सुभाषिनी अली भी प्रमुख प्रत्याशियों में शामिल हैं।
पश्चिम बंगाल की जिन 17 सीटों पर मतदान होना है, उनमें से 14 सीटें सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस के पास हैं। ऐसे में मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के लिए परीक्षा की घड़ी है। उत्तर प्रदेश की 18 में से छह सीटें सपा के पास जबकि चार बसपा के पास हैं। भाजपा के पास चार और तीन सीटें कांग्रेस के पास हैं। बिहार की छह में से दो पर जदयू का कब्जा है। दो भाजपा व एक-एक राजद और निर्दलीय के पास है।
अब तक हुए मतदान में मतदाताओं ने जो उत्साह दिखाया है वह अभूतपूर्व है। आठ चरणों में करीब 66 फीसद लोग अपने अधिकार का प्रयोग कर चुके हैं। आतंकी और नक्सली हमले की कई वारदातों के बावजूद भी उनके कदम नहीं डगमगाए।
66.38 फीसद मतदान का नया कीर्तिमान
नई दिल्ली, जागरण न्यूज नेटवर्क। 16 वीं लोकसभा के गठन के लिए मतदान प्रक्रिया सोमवार को पूरी हो गई। इसी के साथ इस सबसे लंबी चुनाव प्रक्रिया ने देश के निर्वाचन इतिहास में नया कीर्तिमान स्थापित कर दिया। सन 1984 का 64.01 प्रतिशत का रिकॉर्ड तोड़ते हुए इस बार देश में कुल 66.38 प्रतिशत लोगों ने मतदान किया। मतदान के प्रति लोगों के उत्साह का महत्व तब और बढ़ जाता है जबकि इस बार का मतदान अप्रैल-मई की गर्मी के मौसम में हुआ है, जबकि 1984 का चुनाव दिसंबर की शुरुआती सर्दी में हुआ था। सन 1984 का मतदान प्रधानमंत्री के रूप में इंदिरा गांधी की हत्या के बाद हुआ था। इसके बाद चली कांग्रेस की लहर में उसे लोकसभा की 414 सीटें मिली थीं, जो खुद में रिकॉर्ड हैं। तब इस जीत के साथ इंदिरा गांधी के पुत्र राजीव गांधी देश के प्रधानमंत्री बने थे। इसके बाद कांग्रेस कभी भी वैसा प्रदर्शन नहीं दोहरा पाई। भाजपा के प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार नरेंद्र मोदी ने मतदान प्रक्रिया के दौरान ही दावा किया था कि इस बार राजीव गांधी के दौर जैसी मजबूत सरकार के गठन के लिए देश के मतदाताओं में जोश दिखाई दे रहा है। चुनाव परिणाम आना तो अभी बाकी है लेकिन मतदाताओं के उत्साह को लेकर मोदी का आकलन सही साबित हुआ है।
